बेंगलुरु: क्लासमेट्स ने किया दरकिनार तो इंजीनियरिंग छात्रा ने की खुदकुशी

दयानंद सागर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एक प्रथम वर्ष के सिविल इंजीनियरिंग छात्रा मेघना (19) ने राजराजेश्वरीगर में अपने अपार्टमेंट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है.

बेंगलुरु: क्लासमेट्स ने किया दरकिनार तो इंजीनियरिंग छात्रा ने की खुदकुशी
दयानंद सागर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एक प्रथम वर्ष के सिविल इंजीनियरिंग छात्रा ने की आत्महत्या (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बेंगलुरु: दयानंद सागर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के एक प्रथम वर्ष के सिविल इंजीनियरिंग छात्रा मेघना (19) ने राजराजेश्वरीगर में अपने अपार्टमेंट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. जानकारी के मुताबिक मेघना सुबह करीब 8.30 बजे कॉलेज छोड़कर घर लौट आई थी, जबकि उसके माता-पिता काम पर गए हुए थे. जब वे शाम को लौट कर आए, तो उन्हें मेघना छत से फांसी पर लटकी मिली. मृतक के माता-पिता ने आरोप लगाया कि विभाग के प्रमुख और उसके सहपाठियों के उत्पीड़न से मेघना ने यह कदम उठाया था.

क्लास के बच्चे नहीं करते थे बात
मेघना के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसके सहपाठियों ने उसे कुछ मोबाइल चोरी के आरोप लगा कर परेशान कर दिया था. जिसके बाद एचओडी ने भी उसे फटकार लगाई थी. उन्होंने दावा किया कि मेघना के सहपाठियों ने उससे बात करना बंद कर दिया था और क्लास में नोट्स भी साझा नहीं करते थे. यही नहीं उन लोगों ने मेघना को क्लास के व्हाट्सएप ग्रुप से भी रिमूव कर दिया था. मेघना के माता-पिता के मुताबिक कक्षा के प्रतिनिधियों के चुनाव में उसके चुनाव लड़ने के बाद समस्या और बढ़ गई थी.

माता-पिता ने भी की थी कोशिश
उसके माता-पिता ने दावा किया कि वे इस मामले को हल करने के लिए कक्षा शिक्षक और छात्रों से मिले भी थे. मेघना के पिता चंद्रशेखर ने कहा हालांकि, समस्या कुछ दिनों के बाद फिर से शुरू हुई जब छात्रों का एक समूह मेघना के घर गया और उसके साथ लड़ाई की.

रैगिंग का मामला नहीं
इस मामले में कॉलेज महाप्रबंधक सी.पी.एस. प्रकाश ने कहा कि यह रैगिंग का मामला नहीं था. क्योंकि संस्थान में एक रैगिंग विरोधी समिति है और मेघना ने कभी उससे संपर्क नहीं किया. "छात्रा अपनी मां के साथ सितंबर में कॉलेज आई थी और कॉलेज प्रोफेसर राजकुमार से बात की थी. प्रोफेसर राजकुमार द्वारा उन्हें सलाह दी गई थी कि क्लास में वह किसी से भी बात नहीं करेगी.

भेदभाव का सवाल नहीं है
कक्षा के प्रतिनिधि और मृतक के बीच विवाद के मुद्दे पर प्रिंसिपल ने कहा कि भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है. क्लास में व्हाट्सएप ग्रुप से हटाए जाने का मामला उनको नहीं मालूम था. श्री प्रकाश ने यह भी कहा कि छात्रा कॉलेज में नियमित नहीं थी.

जानकारी के मुताबिक आरआर नगर पुलिस ने यह मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है.

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