विभिन्न संस्थानों के चुनाव में इस्तेमाल होने वाली EVM हमारी मशीनों से बिल्कुल अलग : चुनाव आयोग

आयोग ने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकाय स्तर पर होने वाले नगर निगम और पंचायत चुनाव, राज्य चुनाव आयोगों द्वारा संपन्न कराये जाते हैं, इसके लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार नहीं है. 

विभिन्न संस्थानों के चुनाव में इस्तेमाल होने वाली EVM हमारी मशीनों से बिल्कुल अलग : चुनाव आयोग
आयोग ने अपनी ईवीएम को पूरी तरह से विश्वसनीय बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं की जा सकती है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में इस्तेमाल की गई ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि विभिन्न संस्थाओं के चुनाव में प्रयुक्त मशीनें आम चुनाव में प्रयोग में लाई जाने वाली आयोग की मशीनों से बिल्कुल भिन्न हैं. 

आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया है कि विभिन्न संस्थाओं और संगठनों के चुनाव में ईवीएम की कथित गड़बड़ी की शिकायतों के कारण आयोग की ईवीएम के बारे में भ्रामक धारणा बनी. आयोग ने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकाय स्तर पर होने वाले नगर निगम और पंचायत चुनाव, राज्य चुनाव आयोगों द्वारा संपन्न कराये जाते हैं, इसके लिये चुनाव आयोग जिम्मेदार नहीं है. 

इसी तरह देश में विभिन्न संगठनों और संस्थाओं द्वारा संपन्न होने वाले चुनावों की प्रक्रिया संबद्ध संस्थाओं द्वारा स्वयं तय की जाती है. आयोग ने अपनी ईवीएम को पूरी तरह से विश्वसनीय बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं की जा सकती है. 

EVM के बाद अब कर्मचारियों पर उठे सवाल, कांग्रेस ने RSS से जुड़े लोगों को दूर रखने की मांग की
(फाइल फोटो)

आयोग ने मशीनों में व्यापक पैमाने पर किए गए तकनीकी एवं प्रशासनिक सुरक्षा उपायों को इस विश्वास का आधार बताया. इन उपायों की वजह से आयोग की ईवीएम और वीवीपेट में निर्माण प्रक्रिया से लेकर इन्हें लाने ले जाने और मतगणना प्रक्रिया तक, इनमें किसी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं रहती है. 

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि अगस्त 2006 में बेंगलुरु स्थित भारत इलैक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और हैदराबाद स्थित इलैक्ट्रॉनिक्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (ईसीआईएल) को राज्य चुनाव आयोगों और अन्य संगठनों एवं संस्थाओं को उनकी जरूरत के मुताबिक ईवीएम की आपूर्ति करने की अनुमति दी गई थी. लेकिन मई 2017 में आयोग ने बीईएल और ईसीआईएल को राज्य चुनाव आयोगों, संस्थाओं, संगठनों या अन्य देशों को निर्वाचन आयोग की पूर्वानुमति लेने के बाद ही ईवीएम की आपूर्ति करने का निर्देश दिया था. 

साथ ही इस निर्देश में आयोग द्वारा इस्तेमाल की जा रही ईवीएम से भिन्न मशीनों की ही आपूर्ति विभिन्न संस्थाओं को करने की बात भी कही गयी थी. इतना ही नहीं आयोग के इस्तेमाल वाली मशीनों में प्रयुक्त सुरक्षा एवं तकनीकी उपाय संस्थाओं और संगठनों के लिये निर्मित मशीनों में नहीं पाये जाते हैं. 

(इनपुट - भाषा)

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close