एम्स में भर्ती वाजपेयी से मिलकर आए डॉ हर्षवर्धन बोले-'चिंता की कोई बात नहीं, वह ठीक हैं'

एम्स के सूत्रों ने बताया , ‘‘ लोवर रेस्पाइरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और किडनी संबंधी दिक्कतों के बाद उन्हें भर्ती कराया गया है. वह आईसीयू में हैं और उनका डायलिसिस चल रहा है. ’’ 

एम्स में भर्ती वाजपेयी से मिलकर आए डॉ हर्षवर्धन बोले-'चिंता की कोई बात नहीं, वह ठीक हैं'
केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन एम्स में भर्ती पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने पहुंचे (फोटोः एएनआई)

नई दिल्लीः लंबे समय से बीमार चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लोवर रेस्पाइरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और किडनी संबंधी परेशानी के बाद सोमवार (11 जून) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया खबर है कि उनका डायलिसिस चल रहा है. इससे पहले अस्पताल ने कहा था कि उन्हें नियमित जांच और परीक्षण के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. एम्स के सूत्रों ने बताया , ‘‘ लोवर रेस्पाइरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और किडनी संबंधी दिक्कतों के बाद उन्हें भर्ती कराया गया है. वह आईसीयू में हैं और उनका डायलिसिस चल रहा है. ’’ 

एम्स में भर्ती पूर्व पीएम वाजपेयी से मिलकर आए केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने मीडिया को बताया कि अटल जी बिलकुल ठीक है. हर्षवर्धन ने कहा, 'वह (अटल जी) बिलकुल ठीक हैं, चिंता की कोई बात नहीं है.'

 

 

बीजेपी के राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री नेता विजय गोयल मीडिया को बताया, 'उनका मेडिकल बुलेटिन जारी कर दिया गया है, उन्हें यूरीन इन्फेक्शन था और इसका इलाज किया जा रहा है. मुझे पूरी उम्मीद है कि वह कल घर जा सकेंगे.  ' 

 

इससे पहले अस्पताल की ओर से जारी बयान के अनुसार , एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम 93 वर्षीय नेता के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वाजपेयी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने एम्स पहुंचे. आधिकारिक बयान के अनुसार , मोदी ने डॉक्टरों से भेंट कर वाजपेयी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार के सदस्यों से भी भेंट की. 

 

बयान के अनुसार , प्रधानमंत्री करीब 50 मिनट तक अस्पताल में रुके. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह , कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और स्वास्थ्य मंत्री जयप्रकाश नड्डा भी बीमार नेता को देखने पहुंचने वालों में शामिल रहे. बीजेपी ने एक बयान में कहा कि वाजपेयी को डॉक्टरों की सलाह पर नियमित जांच और परीक्षण के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.  वाजपेयी 1998 से 2004 तक देश के प्रधानमंत्री थे. उनका स्वास्थ्य खराब होने के साथ ही धीरे - धीरे वह सार्वजनिक जीवन से दूर होते चले गए और कई साल से अपने आवास तक सीमित हैं. 

(इनपुट भाषा से भी)