प्रद्युम्‍न मर्डर केस : सुप्रीम कोर्ट ने मांगा केंद्र-राज्‍य से जवाब, कहा- ये पूरे देश का मामला

इस मामले में कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और हरियाणा सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: Sep 11, 2017, 04:31 PM IST
प्रद्युम्‍न मर्डर केस : सुप्रीम कोर्ट ने मांगा केंद्र-राज्‍य से जवाब, कहा- ये पूरे देश का मामला
सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को भी मामले की सुनवाई करेगा.

नई दिल्‍ली : गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के छात्र की हत्या के मामले की सीबीआई जांच के लिए उसके पिता वरुण ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इस मामले में कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और हरियाणा सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में इसके साथ ही सीबीआई और सीबीएसई को भी नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने रायन स्‍कूल से भी इस मामले में जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि - ये सिर्फ एक बच्‍चे का नहीं बल्‍कि पूरे देश का मसला है.

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इससे पहले कोर्ट में दायर याचिका में प्रद्युम्‍न के पिता ने कुछ मांगें रखीं. इस पूरे मामले को उन्‍होंने सिर्फ एक स्‍कूल से न जोड़ते हुए देश के सभी स्‍कूलों से जोड़ दिया. उन्‍होंने बच्‍चों के विषय में हुई किसी भी तरह की लापरवाही के मामले में देश के सभी स्‍कूलों की जिम्‍मेदारी तय करने की मांग की. उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि उन्‍हें यहां से न्‍याय मिलेगा.

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ये हैं मुख्‍य मांगें

  • देश के स्कूलों के मैनेजमेंट की जवाबदेही तय हो.
  • स्कूलों की देनदारी भी तय हो.
  • ऐसी घटनाओं पर स्कूल मैनेजमेंट की जिम्मेदारी तय की जाए.
  • स्कूल के भीतर बच्चों के साथ किसी भी तरह की घटना होने पर मैनेजमेंट, डायरेक्टर, प्रिंसिपल समेत प्रमोटर के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप के तहत कार्रवाई की जाए.
  • इस तरह की घटना होने पर स्कूल की मान्यता या लाइसेंस रद्द किया जाए.
  • स्कूलों में इस तरह की घटनाओं के लिए एक स्वतंत्र संवैधानिक बॉडी या ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए.
  • सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमीशन बनाया जाए जो स्कूलों को लेकर सिफारिश दे.
  • इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष सीबीआई या SIT से जांच कराई जाए.
  • परिवार की सुरक्षा के लिए कोर्ट दिशा निर्देश जारी करे.

इस बीच हरियाणा सरकार ने एक बार फि‍र से दोहराया कि अगर परिवार चाहे तो हरियाणा सरकार सीबीआई जांच के लिए तैयार है.