हिमाचल चुनाव : ठियोग सीट- दीपक राठौड़ vs राकेश वर्मा

ठियोग सीट पर कांग्रेस ने दीपक राठौड़ को चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने अपने पुराने साथी राकेश वर्मा पर भरोसा जताया है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Nov 30, 2017, 03:10 PM IST
हिमाचल चुनाव : ठियोग सीट- दीपक राठौड़ vs राकेश वर्मा
हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017: ठियोग सीट पर कांग्रेस के दीपक राठौड़ और भाजपा के राकेश वर्मा आमने-सामने हैं...

नई दिल्ली/शिमला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में ठियोग सीट काफी महत्‍वपूर्ण है. इस सीट पर जहां इस बार एक राजनीतिक शख्सियत और कद्दावर नेता कांग्रेस की विद्या स्टोक्स हैं की राजनीति का अंत हो गया है. इस सीट से पांच बार जीत हासिल करने वाली विद्या स्‍टोक्‍स को पूरे हिमाचल में समाजसेवी के रूप में जाना जाता है. इस बार उनके इस सीट से चुनाव न लड़ने के चलते कांग्रेस ने दीपक राठौड़ को चुनावी मैदान में उतारा, जबकि  भाजपा ने अपने पुराने साथी राकेश वर्मा पर भरोसा जताया है.

दीपक राठौड़ (कांग्रेस) : विद्या स्‍टोक्‍स का नाम कटने के बाद कांग्रेस ने दीपक राठौड़ को चुनावी मैदान में उतारा है. 45 वर्षीय दीपक कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खास सिपहसलारों में से एक माने जाते हैं. पेशे से वकील राठौड़ ने ठियोग निर्वाचन क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाई है. वह छात्र राजनीति के वक्त एनएसयूआई में अपना योगदान दे चुके हैं. वे वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हैं और राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश संयोजक भी हैं.

राकेश वर्मा (भाजपा) : इस सीट पर पार्टी ने अपने पुराने साथी राकेश वर्मा पर भरोसा जताया है. राकेश ने 1993 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था. उसके बाद पार्टी में मची अंतर कलह के कारण उन्होंने 2003 और 2007 में निर्दलीय चुनाव लड़ा और दोनों चुनाव में जीत दर्ज कर दोनों मुख्य पार्टियों में खलबली मचा दी. इसके बाद भाजपा ने दोबारा से उन्हें मनाकर चुनाव लड़वाने का फैसला किया है. विद्या स्टोक्स जैसी कद्दावर नेता के चुनाव न लड़ने के कारण उन्हें इस सीट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है.

इस सीट एक नज़र...

  • विधानसभा सीट संख्या-61 यानी ठियोग विधानसभा.
  • जिला शिमला और लोकसभा क्षेत्र शिमला का यह विधानसभा क्षेत्र अनारक्षित है.
  • इस क्षेत्र की कुल आबादी 95,000 के करीब है.
  • कुल मतदाताओं की संख्या 76,991.
  • ठियोग में मुख्य रूप से हिदी और पहाड़ी भाषा बोली जाती है. 
  • यहां लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है. 
  • ठियोग को एशिया में सब्जियों का सबसे बड़ा उत्पादक माना जाता है.
  • ठियोग का पहाड़ी लोक संगीत में सबसे बड़ा योगदान रहा है.
  • लाइक राम रफीक यहां के प्रसिद्ध गीत लेखक रहे हैं.