DGMO स्तर की बातचीत: भारत की पाक को दो टूक, 'हम जवाबी कार्रवाई का अधिकार रखते हैं'

Last Updated: Tuesday, July 18, 2017 - 00:51
DGMO स्तर की बातचीत: भारत की पाक को दो टूक, 'हम जवाबी कार्रवाई का अधिकार रखते हैं'
भारत-पाक डीजीएमओ स्तर की बातचीत सोमवार को हुई. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जम्मू: सीमा पर बढ़े तनाव के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) ने सोमवार (17 जुलाई) को हॉटलाइन पर वार्ता की. डीजीएमओ आम तौर पर मंगलवार को बातचीत करते हैं. यह वार्ता पाकिस्तान के अनुरोध पर हुई थी और यह पूर्व निर्धारित नहीं थी. भारतीय सेना की ओर से जारी बयान के अनुसार, डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल ए. के. भट्ट ने कहा कि 'संघर्ष विराम के सभी उल्लंघनों' की शुरुआत पाकिस्तानी सेना की ओर से होती है.

बयान में भारतीय डीजीएमओ के हवाले से यह भी कहा गया है कि यहां के जवान सशस्त्र घुसपैठियों के खिलाफ गोलीबारी करते हैं, जो 'पाकिस्तानी चौकियों के बेहद करीब से' भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 'पाकिस्तान की अग्रिम चौकियों के सक्रिय समर्थन से एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश होती है'. आज ही नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की तरफ से हुई भारी गोलीबारी में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया और एक नाबालिग लड़की मारी गई.

सीमा सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान रेंजर्स के आग्रह पर बीएसएफ और पाकिस्तान सीमा रक्षा बल की कमांडेंट स्तर की फ्लैग बैठक हुई. बैठक में दोनों पक्ष के कमांडरों के बीच सांबा सेक्टर में हाल में ‘बिना उकसावे’ गोलीबारी की घटनाओं और सीमा प्रबंधन सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई.

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भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया कि उसे जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास संघर्ष विराम उल्लंघन की किसी भी घटना का करारा जवाब देने का अधिकार है. टेलीफोन पर हुई बातचीत में सैन्य अभियान के महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल ए के भट्ट ने अपने एक बयान में कहा, "भारतीय सेना के पास संघर्ष विराम उल्लंघन की किसी भी घटना का माकूल जवाब देने का अधिकार है. हालांकि यह पारस्परिक आधार पर शांति बनाए रखने के अपने प्रयास को लेकर गंभीर है."

वहीं, पाकिस्तानी दैनिक 'द न्यूज' के अनुसार, पाकिस्तान के डीजीएमओ मेजर जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने पाकिस्तानी सैनिकों को निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाया. समाचार-पत्र के मुताबिक, पाकिस्तान के डीजीएमओ ने रविवार (15 जुलाई) को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अथमुकाम सेक्टर में हुई गोलीबारी में अपने चार जवानों और एक नागरिक की मौत पर 'कड़ा विरोध' जताया.

दैनिक ने सूत्रों के हवाले से कहा है, "पाकिस्तान सेना के पास भारत की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने का अधिकार है." इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के अनुसार, भारतीय सेना ने एक सैन्य वाहन को निशाना बनाया, जो नीलम नदी में गिर गया और चार जवानों की डूबने से मौत हो गई. बीते ग्रीष्मकाल के दौरान नियंत्रण रेखा पर दोनों सेनाओं की ओर से लगातार गोलीबारी हुई, जिसमें दोनों ओर के कई जवानों और नागरिकों को जान गंवानी पड़ी. कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा सेक्टर में 12 जुलाई को दो भारतीय जवान शहीद हो गए थे.

सोमवार को फिर किया पाक ने संघर्ष विराम का उल्लंघन

बात दें कि जम्मू कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में सोमवार को ही नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना ने भीषण गोलीबारी की और मोर्टार दागे जिससे सेना के एक जवान तथा नौ साल की एक बच्ची की मौत हो गई .  गोलीबारी में तीन अन्य व्यक्ति घायल भी हो गए. भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की जिसके बाद दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई.

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जून में संघर्ष विराम उल्लंघन की 23 घटनाएं

जून में संघर्ष विराम उल्लंघन की 23 घटनाएं हो चुकी हैं. इनमें एक घटना बॉर्डर एक्शन टीम के हमले की और दो घटनाएं पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिश की थीं. इनमें तीन जवानों समेत चार लोग मारे गए थे और 12 लोग घायल हो गए थे.

ज़ी न्यूज़ डेस्क

First Published: Monday, July 17, 2017 - 14:10
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