वायुसेना का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट 'सी-17 ग्लोबमास्टर' अरुणाचल के तुतिंग में उतरा

वायुसेना के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘ सी17 ग्लोबमास्टर विमान तुतिंग एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड में उतरा.'

ज़ी न्यूज़ डेस्क ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Mar 14, 2018, 05:39 AM IST
वायुसेना का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट 'सी-17 ग्लोबमास्टर' अरुणाचल के तुतिंग में उतरा
(फोटो साभार - @IAF_MCC)

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा परिवहन विमान सी-17 ग्लोबमास्टर मंगलवार को अरूणाचल प्रदेश के तुतिंग में उतरा. यह स्थान चीन से लगी सीमा के निकट है. वायुसेना के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘ सी17 ग्लोबमास्टर विमान तुतिंग एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड में उतरा.'

'मिशन निर्बाध रूप से संपन्न हुआ'
उन्होंने कहा कि विमान के श्रेष्ठ प्रदर्शन और पायलटों के उत्कृष्ट कौशल की बदौलत यह मिशन निर्बाध रूप से संपन्न हुआ.’’ अमेरिका निर्मित इस विमान का चीन की सीमा के निकट उतरने काफी महत्व है क्योंकि वायुसेना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्यों में अपनी संपूर्ण गतिविधियों को मजबूत बना रही है.

भारत और चीन की सेनाएं वार्षिक अभ्यास बहाल करेंगी: सेना प्रमुख
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने मंगलवार को कहा कि भारत और चीन का वार्षिक सैन्य अभ्यास बहाल होगा. उन्होंने यह भी कहा कि डोकलाम गतिरोध के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी और अब यह सुधर रहा है. रावत ने कहा कि चीन के साथ सैन्य कूटनीति ने काम किया और डोकलाम गतिरोध के बाद बंद हो गई सीमा सुरक्षा बलों की बैठक फिर से शुरू हो गई है.

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उन्होंने कहा कि दोनों सुरक्षा बलों के बीच सौहार्द फिर से कायम हो गया है. सेना प्रमुख ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ चीन के साथ हर साल सैन्य अभ्यास होता है. सिर्फ पिछले साल यह अभ्यास( डोकलाम गतिरोध को लेकर पैदा हुए तनाव की वजह से) स्थगित हुआ, लेकिन अब यह अभ्यास होगा.’’ भारत और चीन के सैन्यकर्मियों के बीच डोकलाम में 73 दिनों तक गतिरोध रहा था. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण अगले महीने चीन जा रही हैं और माना जा रहा है कि यह मुद्दा बातचीत के दौरान उठ सकता है.

(इनपुट - भाषा)