रेलवे में 13,000 कर्मचारी गैर हाजिर, सेवाएं समाप्त होंगी

रेलवे के बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने संगठन का प्रदर्शन बेहतर करने और निष्ठावान व मेहनती कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए एक अभियान शुरू किया था. यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Feb 9, 2018, 11:20 PM IST
रेलवे में 13,000 कर्मचारी गैर हाजिर, सेवाएं समाप्त होंगी
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने ऐसे 13,000 कर्मचारियों की पहचान की है जो कि लंबे समय से ‘अनाधिकृत’ रूप से अनुपस्थित चल रहे हैं. इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है. रेलवे के बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने संगठन का प्रदर्शन बेहतर करने और निष्ठावान व मेहनती कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए एक अभियान शुरू किया था. यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है.

रेलवे ने शुरू की अनुशासनात्मक कार्रवाई
इसके अनुसार, ‘रेलवे के विभिन्न प्रतिष्ठानों में लंबे समय से अनुपस्थित कर्मचारियों की पहचान करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया गया. इस अभियान के परिणाम में रेलवे ने अपने लगभग 13 लाख कर्मचारियों में से 13 हजार से भी अधिक ऐसे कर्मचारियों की पहचान की है जो लंबे समय से अनाधिकृत तौर पर अनुपस्थित हैं.’ इसके अनुसार रेलवे ने इन अनुपस्थित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के लिए नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है. रेलवे ने सभी अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को उचित प्रक्रिया पर अमल के बाद कर्मचारियों की सूची से इनका नाम हटाने का निर्देश दिया है.

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टिकट संबंधी जुर्माने से रेलवे को मिले 850 करोड़ रुपये 
रेलवे को चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाही में रेलयात्रियों से टिकट संबंधी जुर्माने से 850 करोड़ रुपये एकत्र किये हैं. रेलराज्य मंत्री राजन गोहेन ने आज राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में पिछले साल दिसंबर 2017 तक टिकट चैक करने के दौरान 1.83 करोड़ लोग बिना टिकट या बिना उपयुक्त टिकट के यात्रा करते पकड़े गये. इनसे 867.36 करोड़ रुपये की वसूली की गयी. गोहेन ने बताया कि रेलगाड़ियों में अनधिकृत यात्रियों को पकड़ने के लिये अन्य उपाय भी किये गये हैं.

(इनपुट - भाषा)