ISAR और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने तैयार की रणनीति, किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य

विभिन्न राज्यों के लिए रणनीति दस्तावेज के कारण किसानों की समृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने में काफी मदद मिलेगी. 

ISAR और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने तैयार की रणनीति, किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य
आईसीएआर ने 45 एकीकृत कृषि प्रणाली( आईएफएस) मॉडल को विकसित किया है.(फाइल फोटो)
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नई दिल्ली: कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद( आईसीएआर) तथा कृषि विश्वविद्यालयों ने केन्द्र और राज्य सरकार की एजेसिंयों के साथ मिलकर वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के बारे में रणनीति दस्तावेज तैयार किया है. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के लिए रणनीति दस्तावेज के कारण किसानों की समृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने में काफी मदद मिलेगी. राधामोहन सिंह यहां प्रदेश कृषि विश्वविद्यालयों और आईसीएआर संस्थानों के निदेशकों की बैठक को संबोधित करते हुए यह कहा.

उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षो में सरकार की नीतिगत पहल के कारण इस वर्ष खाद्यान्नों का रिकॉर्ड उत्पादन होने की स्थिति हुई है. मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017-18 में देश में कुल खाद्यान्न उत्पादन 27 करोड़ 56.8 लाख टन का हुआ जो वर्ष 2013-14 के उत्पादन से करीब एक करोड़ 6.4 लाख टन( अथवा चार प्रतिशत) अधिक है.

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इस वर्ष खाद्यान्न उत्पादन 1.9 करोड़ टन अधिक का हुआ 
एक सरकारी बयान में सिंह के हवाले से कहा गया है, ‘‘ वास्तव में, इस वर्ष खाद्यान्न उत्पादन 1.9 करोड़ टन अधिक का हुआ है जो वर्ष 2011-12 और वर्ष 2015-16 के बीच हुई औसत उत्पादन वृद्धि से अधिक है.’’ मंत्री ने कहा कि प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय और आईसीएआर, खेती को टिकाऊ तथा किसानों के लिए लाभकारी बनाने के लिए काम कर रहे हैं. 

सिंह ने सूचित किया कि देश में करीब13.8 करोड़ भूमिधर हैं जिसमें से करीब 85 प्रतिशत किसान या तो सीमांत अथवा लघु किसान हैं. उन्होंने कहा कि किसानों के इस संवेदनशील हिस्से को कृषि तकनीकों और सूचनाओं की सख्त जरुरत है. आईसीएआर ने 45 एकीकृत कृषि प्रणाली( आईएफएस) मॉडल को विकसित किया है ताकि लघु एवं सीमांत किसानों को जलवायु परिवर्तन से संबंधित समस्याओं से निपटने में मदद मिल सके. इन मॉडल की अनुकृति, देश भर में फैले कृषि विज्ञान केन्द्रों के जरिये, की जा रही है. 

इनपुट भाषा से भी 

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