जापान का 'ज' और इंडिया का 'य' मिल जाए तो जय बनते हैं- शिंजो आबे

शिंजो आबे ने जापानियों की संघर्षशीलता का उल्‍लेख करते हुआ बताया कि द्वितीय विश्‍व युद्ध के बाद जापान मलबे के ढेर में तब्‍दील हो गया था. लेकिन जापान ने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत से विकसित देशों में अपनी जगह बनाई.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Sep 14, 2017, 11:06 AM IST
जापान का 'ज' और इंडिया का 'य' मिल जाए तो जय बनते हैं- शिंजो आबे

अहमदाबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिंजो आबे ने बुलेट ट्रेन की आधारशिला रखी. इस मौके पर जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने हिंदी में नमस्‍कार के साथ भाषण की शुरुआत करके भारतीयों का दिल जीत लिया. उन्‍होंने कहा कि भारत और जापान की दोस्‍ती के लिए यह ऐतिहासिक दिन है. उन्‍होंने पिछले दिनों को याद करते हुए कहा कि आज से 10 साल पहले मुझे भारत की संसद में बोलने का मौका मिला था. ताकतवर भारत, जापान के हित में है और जापान, भारत के हित में है.

उन्‍होंने कहा कि जापानियों की संघर्षशीलता का उल्‍लेख करते हुआ बताया कि द्वितीय विश्‍व युद्ध के बाद जापान मलबे के ढेर में तब्‍दील हो गया था. लेकिन जापान ने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत से विकसित देशों में अपनी जगह बनाई. जापान ने ऐसी बुलेट ट्रेन बनाई है जो अद्भुत है.

पीएम मोदी दूरदर्शी नेता
दो साल पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने न्‍यू इंडिया का सपना देखा और जापान को साथी चुना. जापान से 100 से भी ज्‍यादा इंजीनियर भारत में काम कर रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी दूरदर्शी नेता हैं. भारत और जापान मिलकर काम करें तो ऐसा कुछ भी नहीं जो संभव नहीं हो. जापान की बुलेट ट्रेन जब से शुरू हुई तब से एक भी हादसा नहीं हुआ. शिनकानसेन रेलवे से एक भी हादसा नहीं हुआ. जापान भारत को सुरक्षित रेल की गारंटी देता है.

जापान मेक इन इंडिया के लिए प्रतिबद्ध है. जापान और भारत स्‍वतंत्रता के मूल्‍यों और लोकतंत्र का सम्‍मान करता है. जापान का 'ज' और इंडिया का 'य' मिल जाए तो जय बनते हैं. मेरी इच्‍छा है कि अगर अगली बार आऊं तो बुलेट ट्रेन में बैठूं. अंत में उन्‍होंने कहा कि जय जापान-जय भारत.