दिल्‍ली में आयोजित हुई पहली ह्यूमन लाइब्रेरी, जानिए क्‍या है खास

Last Updated: Monday, June 19, 2017 - 15:38
दिल्‍ली में आयोजित हुई पहली ह्यूमन लाइब्रेरी, जानिए क्‍या है खास
इसमें आप 30 मिनट के लिए किसी शख्‍स को किराये पर लेकर उसकी लाइफ के बारे में जान सकते हैं. (file pic)

नई दिल्‍ली : कनॉट प्लेस स्थित रीगल बिल्डिंग में रविवार को आयोजित हुई दिल्‍ली की पहली ह्यूमन लाइब्रेरी में कई राज्‍यों से लोग शिरकत करने के लिए पहुंचे. इसमें विभिन्‍न आयु वर्ग के लोग हिस्‍सा लेने के लिए पहुंचे थे, लेकिन सबसे अधिक संख्‍या युवाओं की थी. दिल्ली, हरियाणा ही नहीं कोलकाता और ग्वालियर से भी लोग इसमें भाग लेने आए थे.

कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए ग्वालियर से आए श्रेयांश ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम में आपको बहुत कुछ सीखने को मिलता है. यही वजह है कि मैं इसमें भाग लेने के लिए आया हूं. वहीं डीयू के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की लाइब्रेरी में कार्यरत गौरव राजगुप्ता ने बताया कि मेरे मामा को कैंसर है और मैं यहां कैंसर को मात दे चुके ह्यूमन बुक से मिलना चाहता था.

दिल्ली की रहने वाली विशाखा ने कहा, मुझे फेसबुक के माध्यम से इस कार्यक्रम की जानकारी मिली. मैं उन लोगों से रूबरू होना चाहती थी जिन्होंने जीवन में काफी संघर्ष कर मुकाम हासिल किया है. आपके लिए ह्यूमन लाइब्रेरी नया कॉन्‍सेप्‍ट हो सकता है. आप भी इसके बारे में विस्‍तार से जानना चाहते होंगे.

क्‍या है ह्यूमन लाइब्रेरी
ह्यूमन लाइब्रेरी में लोग अपने अनुभवों को वहां उपस्थित लोगों के बीच साझा करते हैं. इसकी सबसे खास बात है कि यहां पाठक ‘इंसानी किताब’ के मार्फत अपने पूर्वाग्रहों से सीधे दो-चार होते हैं और उस मुद्दे पर अपनी समझ को साफ करते हैं जिसके बारे में उन्हें कुछ भी गहराई से पता नहीं था.

ह्यूमन लाइब्रेरी का मकसद
ह्यूमन लाइब्रेरी का मकसद किसी भी व्‍यक्ति को अकेलेपन और अवसाद से निकालना होता है. यह एक अनोखी लाइब्रेरी होती है, इसमें आप 30 मिनट के लिए किसी शख्‍स को किराये पर लेकर उसकी रियल लाइफ के बारे में जान सकते हैं. आप इस तरह की लाइब्रेरी में उसके जीवन से जुड़े किसी भी सवाल के बारे में पूछ सकते हैं.

इंदौर में शुरू हुई पहली ह्यूमन लाइब्रेरी
इंदौर, मुंबई, हैदराबाद के बाद दिल्ली चौथा ऐसा शहर है, जहां यह दिलचस्प कॉनसेप्ट चल रहा है. देश में सबसे पहले ‘ह्यूमन लाइब्रेरी’ की शुरुआत 2016 में आईआईएम इंदौर में की गई थी.

क्‍यों की गई शुरुआत
दुनिया में अवसाद एक बड़ी समस्या बन चुकी है. इसी को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले 2000 में डेनमार्क के कोपेनहेगन में ह्यूमन लाइब्रेरी विकसित की गई. इसकी शुरुआत रॉनी अबरजेल ने की थी. इस समय दुनिया भर के 80 देशों में ह्यूमन लाइब्रेरी का चलन बढ़ा है.

 

 

ज़ी न्यूज़ डेस्क

First Published: Monday, June 19, 2017 - 15:38
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