सऊदी के 'सराहा' ऐप ने मचाया तहलका, एक महीने में 30 करोड़ डाउनलोड

सोशल मीडिया पर आपने दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों से संपर्क में रहने के लिए कई चैटिंग एप आजमाए होंगे. फेसबुक मैसेंजर, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट इनमें से कुछ ऐसे प्रमुख एप हैं जो आम लोगों के बीच काफी तेजी से लोकप्रिय हुए हैं. लेकिन अब सऊदी अरब का एक मैसेज एप्‍लीकेशन सराहा (Sarahah) ने सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तहलका मचा रखा है. इस ऐप के दुनियाभर में फैसबुक और स्‍नेपचैट से ज्‍यादा लोकप्रिय होने का दावा किया जा रहा है. अरबी में सराहा का मतलब ईमानदारी होतजा है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: शुक्रवार अगस्त 11, 2017 - 11:04 AM IST
सऊदी के 'सराहा' ऐप ने मचाया तहलका, एक महीने में 30 करोड़ डाउनलोड
सराहा एक अरबी शब्द है, जिसका मतलब ईमानदारी होता है. (file pic)

नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर आपने दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों से संपर्क में रहने के लिए कई चैटिंग एप आजमाए होंगे. फेसबुक मैसेंजर, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट इनमें से कुछ ऐसे प्रमुख एप हैं जो आम लोगों के बीच काफी तेजी से लोकप्रिय हुए हैं. लेकिन अब सऊदी अरब का एक मैसेज एप्‍लीकेशन सराहा (Sarahah) ने सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तहलका मचा रखा है. इस ऐप के दुनियाभर में फैसबुक और स्‍नेपचैट से ज्‍यादा लोकप्रिय होने का दावा किया जा रहा है. अरबी में सराहा का मतलब ईमानदारी होतजा है.

सराहा को दुनियाभर में यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं. करीब एक पहले लॉन्च हुए इस ऐप को अब तक 30 करोड़ से ज्‍यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है. खास बात यह है कि एप बनाने वाली एक स्‍टार्टअप कंपनी है और इसे तीन लोग मिलकर चला रहे हैं. इनमें 29 साल के जेन अल-अबीदीन तौफीक और उनके दो दोस्‍त शामिल हैं.

सराहा ऐप की खूबियां

मिड्ल ईस्ट में लोकप्रिय हो चुका यह ऐप भारत में अब सोशल मीडिया यूजर्स के बीच अपनी पैठ बढ़ा रहा है. सराहा एक अरबी शब्द है, जिसका मतलब ईमानदारी होता है. इस ऐप से आप अपने प्रोफाइल से जुड़े किसी भी व्यक्ति को संदेश भेज सकते हैं. इस मजेदार 'फीडबैक ऐप' की सबसे रोचक बात यह है कि आपका मैसेज प्राप्त करने वाले को यह पता नहीं चलेगा कि ये मैसेज किसके पास से आया है.

अभी इस ऐप में प्राप्त संदेश का जवाब भी नहीं दिया जा सकता. इससे आप अपने दोस्तों या रिश्‍तेदारों को जो चाहें संदेश भेज सकते हैं लेकिन वो आपका नाम नहीं जान पाएंगे. जिस दोस्त को किसी कारणवश आपने सामने या मुंह पर कुछ नहीं कह पाए हैं उन्हें आप इस संदेश भेजने वाले ऐप जरिए अपना नाम बिना उजागर किए कुछ भी कह सकते हैं.

यह ऐप स्नैपचैट की तरह लिंक शेयरिंग की सुविधा देने की वजह से काफी लोकप्रिय हुआ है, लॉन्च के बाद जुलाई महीने में यह ऐप लगभग दुनिया के 30 देशों में एप्पल की डाउनलोड किए गए ऐप की सूची में शीर्ष पर पहुंच गया. इस ऐप का कोई मिसयूज न कर पाए इसके लिए ब्लॉकिंग और फिल्‍टरिंग की भी व्यवस्था है जिसके जरिए यूजर्स इसके दुरुपयोग या किसी भी तरह की साइबर बुली से बच सकते हैं.

ऐसे करें डाउनलोड
सराहा को गूगल प्ले स्टोर, ऐप स्टोर से अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकते हैं. आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपना अकाउंट बना सकते हैं. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने पर आप अपने किसी भी दोस्त को फीडबैक भेज सकते हैं. इस फीडबैक ऐप के प्राप्त संदेश का आप जवाब तो नहीं दे सकते हैं, लेकिन इनके निर्माताओं का दावा है कि वो इसके विकल्प पर भी काम कर रहे हैं.

इस ऐप को बनाने का मकसद

इस ऐप का लक्ष्य आपकी ताकत और कमजोरियों को एक ईमानदार फीडबैक के जरिए मजबूती प्रदान करना है, यह फीडबैक आपके साथ काम करने वाले साथी, आपके दोस्त या फिर आपके कुशल- क्षेम रखने वाले लोग दे सकते हैं. सऊदी अरब के वेब डेवलपर 29 वर्षीय जेन अल-अबीदीन ताफीक ने इसे बनाया है. इस ऐप को बनाने के पीछे मकसद है कि आप किसी व्यक्ति से वो सब कह सकें जो आप उनके सामने आकर नहीं कह सकते क्योंकि ऐसा हो सकता है कि जो आप कह रहे हैं उसे सुनना उन्हें अच्छा न लगे.

साइबर सुरक्षा के लिए हो सकता है खतरा

इस ऐप से साइबर बुलिंग का खबरा बढ़ सकता है. नकारात्‍मकता भी ज्‍यादा फैल सकती है. दावा किया जा रहा है कि इस एप को फेसबुक व स्‍नेपचैट से ज्‍यादा तवज्‍जो मिल रही है. पर साइबर एक्‍सपटर्स का मानना है कि यह एप भारत की सुरक्षा पर नकारात्‍मक प्रभाव डाल सकता है. फेसबुक और टवीटर जैसे प्‍लेटफॉर्म ने ट्रोलिंग व बुलिंग को बढ़ावा दिया है. ट्रोलिंग को रोकने के लिए अभी तक कंपनियों की तरफ से कारगर उपाय नहीं किए गए हैं. न ही सख्‍त कानून बना है. जबकि इन साइट पर तो यूजर के बारे में पता रहता है फिर भी फेक आईडी से ट्रोलिंग बढ़ रही है.