बस्तरः खराब सड़क भी नहीं रोक पाई रास्ता, कड़ी मुश्किलों के बाद भी काम में जुटे जवान

दरअसल, बारिश के चलते गांव को जाने वाले कच्चे रास्ते में पानी के कारण काफी गड्ढे हो गए हैं. जिससे जवानों को गांव तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है.

बस्तरः खराब सड़क भी नहीं रोक पाई रास्ता, कड़ी मुश्किलों के बाद भी काम में जुटे जवान
फोटो साभारः ANI

नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में आज भी ऐसे कई इलाके हैं जहां लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. ऐसा ही एक गांव है कोलेंग. जहां अब तक सड़क, पानी, बिजली, अस्पताल और शिक्षा जैसी सुविधाएं गांव से कोसों दूर है. ऐसे में इस गांव की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले जवानों को भी इन दिनों काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, बारिश के चलते गांव को जाने वाले कच्चे रास्ते में पानी के कारण काफी गड्ढे हो गए हैं. जिससे जवानों को गांव तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है. जवानों की मानें तो उन्हें 15 किलोमीटर का रास्ता तय करने में 6 घंटे का समय लग जाता है. जिससे उनका काफी समय बर्बाद होता है, लेकिन गांव वालों की सुरक्षा के चलते वह अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकते.

15 किमी तय करने में लगा 6 घंटे से अधिक का समय
पुलिस के मुताबिक सोमावर को उन्हें एक कार्यक्रम के तहत कोलेंग गांव पहुंचना था. जब वह वहां जाने के लिए निकले तो उन्होंने देखा कि गांव को जाने वाला रास्ता बेहद खराब है. ऐसे में उन्हें गांव तक जाने वाले 15 किलोमीटर के रास्ते को तय करने में 6 घंटे का समय लगा. पुलिस को यहां सिविल एक्शन प्रोग्राम के तहत सुबह ही पहुंचना था, लेकिन खराब सड़क के चलते उन्हें 6 घंटे से अधिक का समय लग गया.

सड़क में बाइक चलाना खतरे से खाली नहीं
जवानों के मुताबिक, गांव तक पहुंचने वाले पूरे रास्ते में पानी ही पानी भरा था. सड़क कच्ची होने के कारण रास्ते में गड्ढे हो गए थे. जिसकी वजह से उन्हें गांव तक पहुंचने में काफी समय लग गया. यहां बाइक चलाना खतरे से खाली नहीं था, लेकिन फिर भी वह किसी तरह से गांव पहुंचे और कार्यक्रम में हिस्सा लिया. बस्तर एसपी लखन पाटले ने बताया कि जगदलपुर से गांव की दूरी 40 किलोमीटर है, लेकिन रास्ता खराब होने की वजह से उन्हें 50 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है. जिसके चलते यहां पदस्थ जवानों को रोजाना इस समस्या से जूझना पड़ता है. 

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