यौनशोषण के आरोप में जेल में बंद आसाराम इनके लिए है खास, स्कूल में लगाया पोस्टर

स्कूल के हेडमास्टर पहले हीलाहवाली करते रहे लेकिन बाद में स्वीकार किया कि स्कूल में आसाराम की तस्वीर वाले बैनर लगाए गए थे.

ज़ी न्यूज़ डेस्क ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Feb 9, 2018, 09:08 PM IST
यौनशोषण के आरोप में जेल में बंद आसाराम इनके लिए है खास, स्कूल में लगाया पोस्टर
स्कूल में यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद आसाराम बापू के फोटो ओर स्लोगन लिखा बैनर लगाकर छात्राओं से मातृ-पितृ पूजन कराया गया

विदिशा (प्रमोद शर्मा): मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के नटेरन सेऊ गांव के शासकीय कन्या माध्यमिक स्कूल में यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद आसाराम बापू के फोटो और स्लोगन लिखा बैनर लगाकर छात्राओं से मातृ-पितृ पूजन कराया गया. जानकारी के मुताबिक इस दौरान स्कूल में आसाराम के उपदेश का शिक्षकों ने पाठ भी पढ़ाया. यह घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है. मामला मीडिया में आया तो स्कूल के हेडमास्टर पहले हीलाहवाली करते रहे लेकिन बाद में स्वीकार किया कि स्कूल में आसाराम की तस्वीर वाले बैनर लगाए गए थे.

स्कूल में लगा आशाराम का पोस्टर 
जानकारी के मुताबिक शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों की संवेदनहीनता का यह मामला जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर सेऊ गांव का है. जहां शिक्षकों ने यौनशोषण के आरोप में पिछले कुछ सालों से जेल में बंद आसाराम के पोस्टर स्कूल में लगाए और छात्राओं को आसाराम के दिए उपदेश भी बताए.

छात्रा बोली- आशाराम बुरे हैं
शिक्षक देश के भविष्य का निर्माण करते हैं. लेकिन मध्यप्रदेश में वही शिक्षक यौनशोषण के आरोप में जेल में बंद आसाराम का पाठ पढ़ा रहे हैं. उसी स्कूल में कक्षा 8 में पढ़ने वाली एक छात्रा ने जी मीडिया से बातचीत में कहा कि कल मातृ-पितृ पूजन दिवस रखा था. जिसमें आसाराम का फोटो लगा था. आसाराम के बारे में पूछने पर छात्रा का कहना था, "गांव में और घर पर बात सुनी है कि आसाराम बुरे हैं. उनकी फोटो नहीं लगनी चाहिए."

हेडमास्टर ने स्वीकार की बात
वहीं सेऊ कन्या माध्यमिक स्कूल के प्रभारी हेडमास्टर मोहर सिंह पंथी पहले तो पूरे मामले को किसी अन्य व्यक्तियों पर मढ़ते नजर लेकिन बाद में स्वीकार करते नजर आए कि आसाराम का फोटो पहले तो उन लोगों ने लगा दिया था लेकिन बाद में जब लोगों ने फोटो खींचे तो हटा दिया था.