बिलासपुरः तीन बाल वैज्ञानिकों ने इको जिम से बनाई बिजली, अब पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

नीति आयोग ने स्कूल के अटल टिकरिंग लैब (एटीएल) इंचार्ज को ई-मेल भेजकर 28 अगस्त तक तीनों बाल वैज्ञानिकों को लेकर दिल्ली बुलाया है. 

बिलासपुरः तीन बाल वैज्ञानिकों ने इको जिम से बनाई बिजली, अब पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात
प्रतीकात्मक तस्वीर

विवेक वाजपेयी/बिलासपुरः छत्तीसगढ़ में एक सरकारी स्कूल के बच्चों ने बिना कोयला और पानी के ही जिम में बिजली उत्पादन की तकनीक (इको जिम) का अविष्कार किया है. गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर के तीन बाल वैज्ञानिकों के इस आविष्कार की अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक चर्चा होने लगी है. नीति आयोग ने स्कूल के अटल टिकरिंग लैब (एटीएल) इंचार्ज को ई-मेल भेजकर 28 अगस्त तक तीनों बाल वैज्ञानिकों को लेकर दिल्ली बुलाया है. जहां 30 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके आविष्कार को देखेंगे. तीनों बच्चों ने सायकिल के अलावा झूले से भी बिजली पैदा करने का एक रोल मॉडल तैयार किया गया है. जिसे दिल्ली ले जाने के लिए टीम तैयार करने के काम में जुटी हुई है.

30 प्रोजेक्ट में से इको जिम का चयन
दुबई में पिछले जून में आयोजित इंटरनेशनल रोबोटिक चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने के लिए नीति आयोग ने देशभर से आए चुनिंदा 30 प्रोजेक्ट में से इको जिम का चयन किया था. चैम्पियनशिप में इको जिम टॉप पर रहा. नीति आयोग को जैसे ही इसकी जानकारी मिली उसने एटीएल इंचार्ज डॉ. धनंजय पांडेय व तीनों बाल वैज्ञानिकों को दिल्ली बुलाया है. आयोग के वाइस चेयरमैन व मैनेजर की अध्यक्षता में वैज्ञानिकों की टीम बनी. वैज्ञानिकों ने एक बार फिर अपने स्तर पर आविष्कार की पड़ताल की. इनके मापदंड पर इको जिम के खरा उतरने के बाद टीम ने कमर्शियल उपयोग के लिए अपनी सहमति दे दी है.

डेल कंपनी को जिम्मेदारी दी है
नीति आयोग ने व्यावसायिक उपयोग की संभावना तलाशने के लिए डेल कंपनी को जिम्मेदारी दी है. कंपनी के विशेषज्ञ ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है. आयोग ने अगस्त में विस्तृत प्रोजेक्ट मांगा है. बता दें इससे जिम में एक घंटे में चार किलोवॉट प्रति घंटा (केवीएच) बिजली पैदा होती है. मॉडल के रूप में जिम साइकिल का उपयोग किया गया है. पिछले चक्के में ब्रेड बोर्ड लगाया गया है. 12 वोल्ट का मोटर, एलइडी लाइट, मैकेनिकल एडजस्टमेंट बॉक्स लगाया गया है. एक रजिस्टेंशन लगाया गया है, जो बनने वाली बिजली को सामानांतर दिशा में लाती है.

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