छत्तीसगढ़ः दंतेवाड़ा में नक्सलियों का आतंक, मुखबिरी के शक में दो ग्रामीणों की हत्या

नक्सलियों ने दोनों ही ग्रामीणों की मुखबिरी के शक में हत्या की है. नक्सलियों ने दोनों ग्रामीणों की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी और शवों को बचेली रेलवे स्टेशन के पास फेंक गए.

छत्तीसगढ़ः दंतेवाड़ा में नक्सलियों का आतंक, मुखबिरी के शक में दो ग्रामीणों की हत्या
6 दिन पहले करीब सात ग्रामीणों को अगवा किया था

दंतेवाड़ाः छत्तीगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली आए दिन किसी न किसी तरह की कायरना और अमानवीय घटनाओं को अंजाम देते ही रहते हैं. ऐसे में अब नक्सलियों ने छह दिनों से अगवा ग्रामीण हूंगा कर्मा और भीमा मुचाकी की हत्या कर दी है. नक्सलियों ने दोनों ही ग्रामीणों की गला रेतकर हत्या की है और शव को बचेली रेलवे स्टेशन के पास फेंक कर चले गए. बता दें नक्सलियों ने करीब छह दिन पहले मुखबिरी के शक में करीब आधा दर्जन ग्रामीणों को अगवा कर लिया था. जिसके बाद से ही पुलिस इन्हें खोजने की कोशिश में लगी थी, लेकिन नक्सलियों ने इन ग्रामीणों को कहां छिपाकर रखा था, पुलिस इसका पता नहीं लगा पाई. वहीं ग्रामीणों के परिजनों ने भी लापता नक्सलिओं की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी.

भीमा-कोरेगांव हिंसा के आरोप में गिरफ्तार 10 एक्टिविस्ट्स के समर्थन में उतरे नक्सली

बचेली थाना क्षेत्र की घटना
शव के मिलने के बाद बचेली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. घटना की पुष्टी करते हुए बचेली थाना प्रभारी सौरभ सिंह ने बताया कि नक्सलियों ने दोनों ही ग्रामीणों की मुखबिरी के शक में हत्या की है. नक्सलियों ने दोनों ग्रामीणों की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी और शवों को बचेली रेलवे स्टेशन के पास फेंक गए. वहीं शव के पास नक्सलियों ने कुछ पर्चे भी फेंके हैं और ग्रामीणों को पुलिस का मुखबिर और गोपनीय सैनिक बताया है.

छत्तीसगढ़ः आधा दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों का नक्सलियों ने किया अपहरण, तलाश में जुटी पुलिस

शवों के पास फेंके पर्चे
बता दें नक्सलियों ने दोनों ही ग्रामीणों के साथ ही करीब 5 और लोगों को अगवा किया था. जिनके बारे में अभी तक पुलिस को कोई खबर नहीं मिली है. पुलिस के मुताबिक इन सभी लोगों को माओवादियों ने मुखबिरी और गोपनीय सैनिक होने के शक में अगवा किया है. जिसके चलते बचे हुए अन्य लोगों की जान को भी खतरा है. बता दें बीते 7 सितंबर को नक्सलियों ने इन ग्रामीणों को अगवा किया था. इसके साथ ही नक्सलियों ने करीब 25 ग्रामीणों से मारपीट भी की थी. जिसके चलते ग्रामीण काफी डरे हुए थे और इसीलिए किसी ने भी गांव में दाखिल हुए नक्सलियों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं कराई थी.

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close