मध्य प्रदेशः पूर्व विधायक कल्पना परुलेकर सहित 241 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित

कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा लोक शांति व्यवस्था बहाल रखने के उद्देश्य से SP द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर लाइसेंस निलंबित किये. 

मध्य प्रदेशः पूर्व विधायक कल्पना परुलेकर सहित 241 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश में आगामी विधान सभा और लोक सभा चुनाव को देखते हुए उज्जैन जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर के प्रतिवेदन के आधार पर जिले के 241 शस्त्र लाइसेंस धारियों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिये गए हैं. जिसमें कांग्रेस की एक पूर्व विधायक सहित भाजपा और कांग्रेस के कई नेता और एक पार्षद शामिल हैं. कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा लोक शांति व्यवस्था बहाल रखने के उद्देश्य से SP सचिन अतुलकर द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर कांग्रेस की पूर्व विधायक डॉक्टर कल्पना परुलेकर, कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष अनंत नारायण मीणा सहित भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया, भाजपा पार्षद संजय कोरट भाजपा नेता अनिल शर्मा निनोरा, अभय धर्म, कुमार्डी के दिगपाल सिंह राजपूत सहित विहिप नेता भेरूलाल टाक नागदा सहित 241 लोगों के शास्त्र लाइसेंस निलंबित किए हैं. 

241 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित 
बता दें शस्त्रों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार इस तरह की कार्रवाई की है और एक साथ 241 शस्त्र लाइसेंसधारियों के शस्त्र लायसेंस निलंबित किए हैं. प्रशासन ने ऐसे लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किये हैं जिन पर लाइसेंस जारी होने के बाद आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं. कलेक्टर मनीष सिंह ने यह कार्रवाई एसपी के प्रतिवेदन के आधार पर आयुध अधिनियम- 1959 की धारा-17 के तहत लोक शांति, सुरक्षा को देखते हुए की है. एसपी सचिन अतुलकर ने सभी के खिलाफ शस्त्र लायसेंस जारी होने के बाद केस दर्ज होने पर शस्त्र लाइसेंस निलंबित की अनुशंसा की थी.

सूची में नेताओं के अलावा ग्रामीणों के भी नाम
बता दें जिला प्रशासन ने यह कदम आगानी चुनावों को देखते हुए उठाया है. कलेक्टर मनीष सिंह ने लोक सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से ये आदेश दिए हैं. साथ ही यह भी आदेश जारी किये हैं कि सभी शस्त्र 3 दिन के भीतर शस्त्र संबंधित थाने में जमा करवा दिये जाएं. यदि कोई भी इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उस पर कड़ी कार्यवाई की जाएगी. जिन लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए गए हैं उनमें भाजपा-कांग्रेस से जुड़े कई नेता भी शामिल हैं. इनके अलावा ग्रामीण व प्रभावशाली लोगों के नाम भी सूची में हैं.

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