मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बलात्कारी की सजा रखी बरकरार, कहा- 'साक्ष्य के आधार दी गयी है सजा'

अभियोजन पक्ष के अनुसार हाईकोर्ट के जस्टिस जेपी गुप्ता ने 20 अगस्त को अपने फैसले में कहा कि पीड़िता एवं गवाहों ने दुराचारी को नहीं पहचाना है, लेकिन जिला न्यायालय द्वारा मेडिकल एवं एफएसएल तथा परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा से दण्डित किया है.

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बलात्कारी की सजा रखी बरकरार, कहा- 'साक्ष्य के आधार दी गयी है सजा'
फाइल फोटो

जबलपुर: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पीड़िता के शिनाख्त नहीं करने के बावजूद मेडिकल एवं एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर जिला न्यायालय से बलात्कार के अपराध में एक व्यक्ति को मिले दस वर्ष के कारावास को उचित ठहराते हुए उसे शेष सजा भुगतने के लिए आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं. अभियोजन पक्ष के अनुसार हाईकोर्ट के जस्टिस जेपी गुप्ता ने 20 अगस्त को अपने फैसले में कहा कि पीड़िता एवं गवाहों ने दुराचारी को नहीं पहचाना है, लेकिन जिला न्यायालय द्वारा मेडिकल एवं एफएसएल तथा परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा से दण्डित किया है.

एकलपीठ ने अभियुक्त की अपील को खारिज करते हुए उसे सजा भुगतने के लिए जिला न्यायालय के समक्ष समर्पण करने के निर्देश दिए. अभियोजन के अनुसार आरोपी रफीक खान ने वर्ष 1997 में अपील की थी. अपील में बलात्कार के आरोप में जिला न्यायालय द्वारा दस वर्ष के कारावास सुनाने को चुनौती दी गई थी. अभियोजन के अनुसार सिहोर जिले के ग्राम कजलाश निवासी पीड़िता 28 अक्टूबर 1996 की रात अपने चाचा के घर टीवी देख रही थी. रात को लगभग 11.30 बजे बाहर आई, तो आरोपी उसे चाकू की नोक पर समीप स्थित अम्बाराम के घर ले गया और उसके साथ बलात्कार किया.

रात लगभग डेढ़ बजे पीड़िता की रोने की आवाज सुनकर उसका भाई घटनास्थल पर पहुंचा. उसके भाई को आता देखकर आरोपी अपने कपड़े पहकर भाग गया. जिला न्यायालय ने 12 अगस्त 1997 को आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. खान ने हाईकोर्ट में अपील में कहा था कि जिला न्यायालय में पीड़िता ने उसे पहचाने से इनकार कर दिया था. पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि आरोपी चेहरे में काला कपड़ा बांधे हुआ था. हाईकोर्ट ने एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के निजी अंगों में चोट का उल्लेख है. 

(इनपुट भाषा से)

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close