चुनाव से पहले लगा कांग्रेस को झटका, कमलनाथ और सचिन पायलट की याचिका SC ने की खारिज

कांग्रेस नेता कमलनाथ और सचिन पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव में पारदर्शिता लागू करने की मांग की है. 

चुनाव से पहले लगा कांग्रेस को झटका, कमलनाथ और सचिन पायलट की याचिका SC ने की खारिज
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता कमलनाथ और सचिन पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव में पारदर्शिता लागू करने के साथ ही टेक्स्ट फॉरमेट में वोटर लिस्ट सौंपे जाने की मांग की है. दूसरी तरफ कमलाथ की विधानसभा चुनाव में दस फीसदी बूथों पर वीवीपीएटी का औचक परीक्षण करने की अर्जी पर चुनाव आयोग ने कहा था कि वीवीपीएटी सभी बूथों पर रहेगी, लेकिन कहां पर औचक निरीक्षण हो ये चुनाव आयोग का अधिकार है. इससे पहले चुनाव आयोग ने कमलनाथ पर कोर्ट में फर्जी दस्तावेज देकर उसके सहारे अपने हक का आदेश लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया था.

आयोग ने कहा था कि ऐसा करना आईपीसी की धारा 193 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें सात साल की कैद हो सकती है. चुनाव आयोग ने कमलनाथ की ओर से दिए गए दस्तावेज पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस दस्तावेज में कहा गया है कि एक ही नाम की समान 17 महिलाएं मतदाता सूची में दर्ज हैं.एक निजी वेबसाइट से निकाले गए इस दस्तावेज की आयोग ने जांच की और मतदाता सूची से फोटो मिलाकर पाया कि एक समान नाम वाली सभी महिलाएं अलग अलग हैं और वे वास्तविक मतदाता हैं. हालांकि कमलनाथ की ओर से आरोपों का विरोध करते हुए कहा गया था कि उन्होंने दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा नहीं किया है, जो दस्तावेज उन्होंने दिए हैं वो सार्वजनिक हैं और यही उन्होंने ज्ञापन के साथ चुनाव आयोग को भी जांच के लिए दिये थे.

supreme court rejects congress notice

मध्यप्रदेश-राजस्थान में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

आपको बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने की मांग को लेकर कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ और राजस्थान कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार की मांग की है. इसके अलावा याचिका में वीवीपीएटी पर्चियों के सत्यापन की भी मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट इलेक्शन कमीशन को निर्देश दे कि EVM में डाले गए वोटों का मिलान VVPAT से कराया जा सके. 

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close