पिता के खिलाफ थाने पहुंची 8 साल की बेटी, कहा- पुलिस अंकल हमें स्कूल जाना है

उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक बेटी अपने ही पिता के खिलाफ शिकायत करने पुलिस के पास जा पहुंची. आठ साल की बच्ची के साथ उसकी मां भी थी. थाने पहुंचने उसने बताया कि उसका पिता उसे पढ़ने के लिए स्कूल नहीं भेजना चाहता, लेकिन वो पढ़ाई जारी रखना चाहती है. 

पिता के खिलाफ थाने पहुंची 8 साल की बेटी, कहा- पुलिस अंकल हमें स्कूल जाना है
बच्चों की स्कूल फीस को जुए में हार आया पिता (फोटो-Zee)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक बेटी अपने ही पिता के खिलाफ शिकायत करने पुलिस के पास जा पहुंची. आठ साल की बच्ची के साथ उसकी मां भी थी. थाने पहुंचने उसने बताया कि उसका पिता उसे पढ़ने के लिए स्कूल नहीं भेजना चाहता, लेकिन वो पढ़ाई जारी रखना चाहती है. इस दौरान वो रोने लगी, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे संभाला और आश्वासन दिया कि उसके पिता को समझाया जाएगा व उसे वापस स्कूल भेजा जाएगा.

पिता की वजह से नहीं जा पा रही स्कूल
मथुरा के थाना गोविंदनगर इलाके की रहने वाली जहीरा अपनी बेटी तमन्ना के साथ पुलिस के पास पहुंची, जो एलकेजी में पढ़ती है. एसपी सिटी ऑफिस में पहुंची तमन्ना ने रोते हुए पुलिस को बताया कि वो कुछ दिनों से स्कूल नहीं जा पा रही है, जिसकी वजह उसका पिता दिलशाद है. कुछ ही दिनों में उसके एग्जाम शुरू होने वाले हैं, लेकिन दिलशाद ने किताबें और बैग छुपा दिए हैं. इससे वो पढ़ भी नहीं पा रही है.

2 मिनट में जानें स्कूल में कितना Safe है आपका बच्चा

पिता दिलशाद को है जुए की लत
बच्ची की मां जहीरा ने बताया कि उसका पति नहीं चाहता कि बेटी तमन्ना और बेटे शाबिर स्कूल जाएं. उसने बताया दिलशाद को शराब और जुए की लत है. बच्चों को पालने के लिए जहीरा ही काम करती है, लेकिन दिलशाद उससे सारे पैसे छीन लेता है.

जहीरा ने आगे बताया कि उसने स्कूल की फीस भरने के लिए दिलशाद को पैसे दिए थे, लेकिन वो भी उसने जुए में खत्म कर दिए. जब जहीरा ने इसका विरोध किया तो उसने उसे व बच्चों को पीटना शुरू कर दिया. फिर किताबों और बैग को छुपा दिया.

अजब मध्यप्रदेश की गजब कहानी: स्कूल के छत पर चल रही परीक्षा, नीचे लग रहे अश्लील ठुमके

जहीरा और तमन्ना की शिकायत सुनने के बाद एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने मसले को जल्द से जल्द निपटाने का आश्वासन दिया. उन्होंने संबंधित थाने को आदेश दिया कि पिता दिलशाद से बच्चों के बैग व किताबें वापस दिलवाई जाएं. साथ ही उन्होंने पिता को समझाने की भी बात कही.

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close