कश्‍मीर मुद्दे के हल के लिए मोदी सरकार को क्‍या करना चाहिए, महबूबा मुफ्ती ने बताया

राजौरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीडीपी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘दक्षिण एशिया में शांति सिर्फ तभी संभव है जब जम्मू कश्मीर में शांति सुनिश्चित होगी.’’ 

कश्‍मीर मुद्दे के हल के लिए मोदी सरकार को क्‍या करना चाहिए, महबूबा मुफ्ती ने बताया
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती (फाइल फोटो)
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जम्मू : दक्षिण एशिया में शांति के लिए भारत एवं पाकिस्तान के बीच संवाद बहाल करने को ‘‘अनिवार्य’’ बताते हुए जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को अपील की कि कश्मीर की खातिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान में अपने समकक्ष इमरान खान की ओर मित्रता का हाथ बढ़ाना चाहिए.

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष ने यह भी अपील की कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच शांति की प्रक्रिया बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री को दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नक्शेकदम पर चलना चाहिए.

राजौरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीडीपी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘दक्षिण एशिया में शांति सिर्फ तभी संभव है जब जम्मू कश्मीर में शांति सुनिश्चित होगी.’’ 

इससे पहले बीते माह ही पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे तब जम्मू एवं कश्मीर समृद्ध हुआ था, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा से हाथ मिलाने के बावजूद उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के 19वें स्थापना दिवस पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा, "यद्यपि उस समय पीडीपी कांग्रेस के साथ एक सत्ताधारी गठबंधन में थी, लेकिन जब वाजपेयी प्रधानमंत्री थे तब राज्य समृद्ध हुआ था."

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उन्होंने हालांकि कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्रित्व काल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हाथ मिलाने के बावजूद उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा. महबूबा ने भाजपा से हाथ मिलाने के अपने दिवंगत पिता मुफ्ती मुहम्मद सईद के निर्णय को जायज ठहराया. उन्होंने कहा, "मुफ्ती साहब 2015 में भाजपा के साथ हाथ मिलाने पर इसलिए सहमत हुए, क्योंकि वाजपेयी के शासन के दौरान हमारे बीच एक अच्छी आपसी समझ थी." उन्होंने आगे कहा, "लेकिन इस बार यह एक कठिन निर्णय था। भाजपा के साथ गठबंधन बनाना जहर पीने जैसा था."

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