नेत्रहीन लोगों के अनुकूल नहीं हैं 200-50 रुपये के नए नोट: हाई कोर्ट

कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की पीठ ने रिजर्व बैंक और सरकार को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने को कहा. उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो 200 रुपये और 50 रुपये के नये नोटों का सरकार परीक्षण करे क्योंकि इनका इस्तेमाल करने में नेत्रहीन लोगों को दिक्कतें हो रही हैं.

भाषा भाषा | Updated: Dec 6, 2017, 09:01 PM IST
 नेत्रहीन लोगों के अनुकूल नहीं हैं 200-50 रुपये के नए नोट: हाई कोर्ट
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने नेत्रहीन लोगों को पहचानने तथा इस्तेमाल करने में हो रही दिक्कतों के मद्देनजर रिजर्व बैंक और सरकार को नए नोटों एवं सिक्कों का परीक्षण करने को कहा है. कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की पीठ ने रिजर्व बैंक और सरकार को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने को कहा. उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो 200 रुपये और 50 रुपये के नये नोटों का सरकार परीक्षण करे क्योंकि इनका इस्तेमाल करने में नेत्रहीन लोगों को दिक्कतें हो रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसा मामला है जिसपर विचार किया जाना चाहिए. हमने भी पाया है कि ये नेत्रहीन लोगों के लिए पहचानने में मुश्किल हैं क्योंकि इनका आकार तथा स्पर्शनीय चिह्न बदल गया है.’’