राहुल गांधी और पार्टी ने कभी ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया : कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता पी एल पुनिया ने कहा कि आतंकवाद एक आपराधिक मानसिकता है और इसे किसी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा जा सकता.

राहुल गांधी और पार्टी ने कभी ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया : कांग्रेस
कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने कहा , 'भगवा आतंकवाद जैसा कुछ नहीं कहा गया. हमारा पुरजोर विश्वास है कि आतंकवाद को किसी धर्म या समुदाय या जाति से नहीं जोड़ा जा सकता.' (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि ‘ भगवा आतंकवाद ‘ कुछ नहीं होता और उसका पुरजोर विश्वास है कि आतंकवाद को किसी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा जा सकता. पार्टी ने साफ किया कि उसके नेता राहुल गांधी या पार्टी ने कभी ‘ भगवा आतंकवाद ’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. 

गौरतलब है कि 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में दक्षिणपंथी संगठन के कार्यकर्ता असीमानंद और चार अन्य को आज एक अदालत द्वारा बरी किये जाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने ‘ भगवा आतंकवाद ’ शब्द का इस्तेमाल कर हिंदुओं को अपमानित किया था और राहुल गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए. इसके बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई. 

कांग्रेस प्रवक्ता पी एल पुनिया ने कहा कि आतंकवाद एक आपराधिक मानसिकता है और इसे किसी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा जा सकता. उन्होंने भाजपा के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा , ‘‘ राहुल गांधी या कांग्रेस ने कभी ‘ भगवा आतंकवाद ’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. ’’ 

कांग्रेस नेता ने कहा , ‘‘ यह केवल बकवास है. भगवा आतंकवाद जैसा कुछ नहीं कहा गया. हमारा पुरजोर विश्वास है कि आतंकवाद को किसी धर्म या समुदाय या जाति से नहीं जोड़ा जा सकता. यह आपराधिक मानसिकता है जिससे आपराधिक गतिविधि होती है और इसे किसी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा जा सकता. ’’ 

अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी का दौरा कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की. बरी करने के फैसले पर पुनिया ने कहा कि वे पहले फैसले का अध्ययन करेंगे और फिर इस पर बात करेंगे.  उन्होंने कहा , ‘‘ हालांकि शुरूआती खबरों में कहा गया है कि सबूत नहीं दिए गए और इकबालिया बयान तथा अन्य दस्तावेज गुम हैं. अभियोजन पक्ष की नाकामी लगती है. फैसला आने के बाद बात करना सही होगा. ’’

हालांकि कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने मामले में एनआईए के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा , ‘‘ चार वर्ष पहले सरकार बनने के बाद से यह ( बरी किया जाना ) हर मामले में हो रहा है ... लोगों का एजेंसियों से विश्वास समाप्त होता जा रहा है. ’’ फैसले के बारे में पूछे जाने पर पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल ने कहा कि फैसला पढ़े बिना कैसे उसे सही या गलत कहा जा सकता है. 

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