VIDEO: महज 3 दिन में एयरफोर्स की 5000 सामरिक उड़ानों से पाकिस्‍तान और चीन में खलबली क्‍यों है?

इससे युद्ध की किसी भी प्रकार की आशंका बलवती नहीं होनी चाहिए क्‍योंकि यह भारतीय एयरफोर्स का युद्धाभ्‍यास है. इस ऑपरेशन गगनशक्ति के तहत भारतीय वायुसेना तीन दशकों के बाद अपना सबसे बड़ा युद्धाभ्‍यास कर रही है.

VIDEO: महज 3 दिन में एयरफोर्स की 5000 सामरिक उड़ानों से पाकिस्‍तान और चीन में खलबली क्‍यों है?
भारतीय वायुसेना का ऑपरेशन गगनशक्ति युद्धाभ्‍यास 8-22 अप्रैल तक चलेगा.(फाइल फोटो)

कभी किसी देश को एक साथ दो मोर्चों पर जंग लड़नी पड़े तो उसकी तैयारियों का आकलन कैसे होगा? इस सवाल का जवाब भारतीय वायुसेना के जांबाज लड़ाकू विमानों ने दिया है. इसके तहत महज 72 घंटों के भीतर पाकिस्‍तान की सीमा से सटे पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय वायुसेना की 5000 उड़ानों और उसके बाद उत्‍तरी सीमा पर लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक चीन से सटी सीमा के निकट भारतीय वायुसेना के शक्ति प्रदर्शन से पड़ोसी देशों के माथे पर चिंता की लकीरों का उभरना लाजिमी है.

हालांकि इससे युद्ध की किसी भी प्रकार की आशंका बलवती नहीं होनी चाहिए क्‍योंकि यह भारतीय एयरफोर्स का युद्धाभ्‍यास है. इस ऑपरेशन गगनशक्ति के तहत भारतीय वायुसेना तीन दशकों के बाद अपना सबसे बड़ा युद्धाभ्‍यास कर रही है. वायुसेना ने पहले ही यह स्‍पष्‍ट किया है कि निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत इस बारे में पाकिस्तान और चीन को पहले ही सूचित कर दिया गया है.

ऑपरेशन गगनशक्ति (Operation GaganShakti)
कहा जा रहा है कि 1986-87 के ऑपरेशन ब्रासटैक्‍स(Operation Brasstacks) के बाद इतने बड़े पैमाने का यह सबसे बड़ा युद्धाभ्‍यास है. दो मोर्चों पर एक साथ युद्ध की आशंका के मद्देनजर अपनी सैन्‍य तैयारियों का जायजा लेने के लिए यह परीक्षण किया जा रहा है. पाकिस्‍तान और चीन के मोर्चे पर एक साथ निपटने के लिए सामरिक दृष्टिकोण से 42 फाइटर स्‍क्‍वाड्रन की दरकार है लेकिन इस वक्‍त भारतीय वायुसेना के पास केवल 31 फाइटर स्‍क्‍वाड्रन हैं. इसके बावजूद वायुसेना अपनी सामरिक रणनीति का प्रदर्शन इस युद्धाभ्‍यास के जरिये कर रही है. इसके तहत इस हाई-वोल्‍टेज युद्धाभ्‍यास में 1,150 लड़ाकू, एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्‍टर और ड्रोन के अलावा सैकड़ों एयर डिफेंस मिसाइल, रडार, सर्विलांस और अन्‍य यूनिटें हिस्‍सा ले रही हैं. जल, थल और नभ में सशस्‍त्र ऑपरेशन को कुशलतापूर्वक अंजाम देने के लिए ऑपरेशन गगन शक्ति में आर्मी और नेवी भी शामिल हैं. यह सैन्‍य युद्धाभ्‍यास आठ अप्रैल से शुरू हुआ है और 22 अप्रैल तक चलेगा.

इसी कड़ी में पिछले दिनों वायुसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) और इससे आगे तक अपनी मारक क्षमता की जांच करने के लिए पश्चिमी समुद्र तट पर समुद्री हवाई अभ्यास भी किया. वास्‍तव में इसका उद्देश्य चीन और पाकिस्तान से पेश आने वाली सुरक्षा चुनौतियों सहित इस तरह की सभी संभावित स्थिति से निपटने के लिए इसकी संचालन तैयारियों की जांच करना है.

 

वायुसेना ने एक बयान में कहा कि अपने जारी अभ्यास गगन शक्ति के तहत वायुसेना ने पश्चिमी समुद्र तट पर समुद्री हवाई अभ्यास किया. इसका स्पष्ट लक्ष्य हिंद महासागर क्षेत्र में अपने हित के इलाकों में काफी अंदर तक अपनी मारक क्षमता को जांचना है. इसके साथ ही वायुसेना ने कहा कि गगनशक्ति ने नौसेना के साथ संयुक्त अभियान का आकलन करने के लिए एक आदर्श मौका मुहैया कराया है.

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