हमारा देश पड़ोसियों से मजबूत रिश्ते चाहता है: चीन

भारत और रूस अहम शक्तियां और चीन के पड़ोसी हैं. हमारा देश पड़ोसियों के साथ मजबूत रिश्ते चाहता है.

हमारा देश पड़ोसियों से मजबूत रिश्ते चाहता है: चीन
फाइल फोटो
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कोलकाताः  कोलकाता में चीनी महावाणिज्य दूत मा झानवू ने भारत को ‘‘उभरती हुई अर्थव्यवस्था’’ बताते हुए बुधवार को कहा कि उनका देश पड़ोसियों के साथ मजबूत रिश्ते बरकरार रखना चाहता है. बेल्ट और रोड परियोजना (बीआरआई) के चीन द्वारा दुनिया या अपने पड़ोसियों को जीतने की योजना नहीं बनाए जाने पर जोर देते हुए झानवू ने कहा कि यह परियोजना परामर्श और चर्चा के जरिये ‘‘साझा फायदों और विकास’’ के बारे में है. कोलकाता में चीनी महावाणिज्य दूत ने कहा, ‘‘भारत और रूस अहम शक्तियां और चीन के पड़ोसी हैं. हमारा देश पड़ोसियों के साथ मजबूत रिश्ते चाहता है.’’ भारतीय मुद्रा के हालिया अवमूल्यन के बारे में झानवू ने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में रूपये का जरूर अवमूल्यन हुआ है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति को पलटा नहीं जा सकता.’’ 

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हमें एक दूसरे के साथ सहयोग की जरूरत
उन्होंने कहा कि दुनिया चीन, भारत और अफ्रीका तथा लैटिन अमेरिका में दूसरे विकासशील देशों के उदय को देख रही है. झानवू ने हालांकि अमेरिका में व्यापार संरक्षण नीति को ‘‘नकारात्मक गतिविधि’’ करार दिया. उन्होंने यहां चीन और पूर्वी भारत के बीच संपर्क और व्यापारिक रिश्तों पर एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘समावेशी विकास के लिये हमें एक दूसरे के साथ सहयोग की जरूरत है. हर भारतीय राज्य यह समझ चुका है कि उसे अपने लोगों के लिये नौकरियां पैदा करने और आगे बढ़ने की जरूरत है.’’ 

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हितधारकों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए
चीनी निवेशकों के भारत में विभिन्न परियोजनाओं में आर्थिक सहायता के इच्छुक होने की बात करते हुए चीनी महावाणिज्य दूत ने कहा कि जिन कंपनियों ने फायदे के लिये पूंजी का निवेश किया उन्हें अपने हितधारकों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए. (इनपुटः भाषा)

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