दिल्ली: महिला सुरक्षा की पोल खोल रहे हैं ये आंकड़े, हर दिन रेप के पांच मामले

हालांकि, दिल्ली पुलिस की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 2016 की तुलना में पिछले साल हत्या के मामलों में कमी दर्ज की गई.

ज़ी न्यूज़ डेस्क ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Jan 11, 2018, 10:46 PM IST
दिल्ली: महिला सुरक्षा की पोल खोल रहे हैं ये आंकड़े, हर दिन रेप के पांच मामले
ज्यादातर घटनाओं में आरोपी पीड़िता का परिचित था...(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक देश की राजधानी में पिछले साल हर दिन बलात्कार के औसतन पांच से अधिक मामले दर्ज किए गए. साथ ही, ज्यादातर घटनाओं में आरोपी पीड़िता का परिचित था. दिल्ली पुलिस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक साल 2017 में बलात्कार के 2049 मामले दर्ज किए गए जो 2016 में 2064 थे. पिछले साल छेड़छाड़ के 3273 मामले दर्ज किए गए. इसके मुताबिक फब्तियां कसने के मामलों में कमी दर्ज की गई. 2016 में 894 मामले दर्ज किए गए थे जबकि पिछले साल 621 मामले दर्ज किए गए.

दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई सारे कदम उठाए गए हैं. वहीं, हत्या के 45 फीसदी से अधिक मामले निजी रंजिश को लेकर थे. इन मामलों में 18 फीसदी से अधिक खूनखराबा नाई की दुकान में बालों में कंघी करने, सोने की जगह को लेकर, गोलप्पा परोसने सहित अन्य छोटे मोटे कारणों को लेकर हुआ.

हालांकि, दिल्ली पुलिस की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक 2016 की तुलना में पिछले साल हत्या के मामलों में कमी दर्ज की गई. पिछले साल हत्या के 462 मामले दर्ज किए गए जबकि 2016 में 501 मामले दर्ज किए गए थे. दिल्ली पुलिस ने पिछले साल 8000 किग्रा से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए. एनडीपीएस एक्ट के तहत पिछले साल 362 मामले दर्ज किए गए जबकि 2016 में इस तरह के 289 मामले दर्ज किए गए थे. दिल्ली पुलिस ने पिछले साल सोनू दरियापुर सहित कुल 110 खूंखार अपराधियों को गिरफ्तार किया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोनू के सिर पर 5. 5 लाख रूपये का इनाम.

दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध) आरपी उपाध्याय ने बताया कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने शहर के सर्वाधिक वांछित अपराधियों - सत्यवान सहरावत उर्फ सोनू दरियापुर को सितंबर में गिरफ्तार किया. दिल्ली यातायात पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने को लेकर पिछले साल 60 लाख से अधिक चालकों पर मामला दर्ज किया और जुर्माने के तौर पर 94. 25 करोड़ रूपया एकत्र किया. अनुचित पार्किंग और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने के मामलों में सर्वाधिक जुर्माना वसूला गया, इनके क्रमश: 10. 37 और 5. 93 लाख चालान काटे गए.