क्‍या देश को वाकई बुलेट ट्रेन की जरूरत है? रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 884 शब्‍दों में दिया यह जवाब

उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्‍पीड रेल परियोजना (बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट) का बचाव किया. इसके साथ उन्होंने कुछ ग्राफिक्स और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें भी साझा कीं.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Nov 14, 2017, 12:33 PM IST
क्‍या देश को वाकई बुलेट ट्रेन की जरूरत है? रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 884 शब्‍दों में दिया यह जवाब
पीयूष गोयल (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: रेल मंत्री पीयूष गोयल ने केंद्र सरकार की बुलेट ट्रेन परियोजना का बचाव करते हुए कहा कि यह देश के विकास की योजना का हिस्सा है. ऑनलाइन सवाल पूछने और जवाब एकत्रित करने वाली वेबसाइट 'क्योरा' पर गोयल ने एक सवाल के जवाब में यह बात कही. वेबसाइट में पूछा गया था, ''क्या देश को वाकई बुलेट ट्रेन की जरूरत है?'' गोयल सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं.

उन्होंने वेबसाइट में पूछे गये सवाल का 884 शब्दों में जवाब दिया. उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्‍पीड रेल परियोजना (बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट) का बचाव किया. इसके साथ उन्होंने कुछ ग्राफिक्स और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें भी साझा कीं. गोयल ने कहा कि भारत तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्था है और इसकी कई विकास संबंधी आवश्यकताएं हैं. भारत की विकास योजना का प्रमुख घटक यह है कि मौजूदा रेल नेटवर्क को अपग्रेड किया जाए. साथ ही में हाई स्‍पीड रेल गलियारे का विकास किया जाए जिसे बुलेट ट्रेन के तौर पर जाना जाता है.

नए युग की शुरूआत 
रेल मंत्री ने कहा कि राजग सरकार की मुंबई-अहमदाबाद हाई स्‍पीड रेल परियोजना लोगों के लिए सुरक्षा, गति और सेवा के एक नए युग की शुरूआत करेगी और भारतीय रेलवे को पहुंच, गति और कौशल के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अगुआ बनने में मदद देगी. गोयल ने कहा कि किसी प्रौद्योगिकी को शुरू करने का अक्सर विरोध होता है लेकिन यह आखिरकार बदलाव लाती है.

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उन्होंने कहा, ''नई प्रौद्योगिकी को कई बार विरोध का सामना करना पड़ता है. बहरहाल, इतिहास हमें बताता है कि नई प्रौद्योगिकी देश की प्रगति के लिए काफी फायदेमंद होती है.'' रेल मंत्री ने वर्ष 1968 में राजधानी ट्रेनों को शुरू करने का उदाहरण दिया. तब इसका विरोध रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष समेत कई लोगों ने किया था.

इससे पहले हाल ही में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने उन लोगों पर निशाना साधा था जो कि बुलेट ट्रेन का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा, जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं उन्हें जनता को जवाब देना चाहिए कि क्या वो जनता को पीड़ित असुरक्षित रखना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन का विरोध करने वाले क्या अब भी 100 साल पुलिस टेक्नोलॉजी में यकीन करते हैं. उन्होंने कहा कि यह कोई बहाना नहीं है लेकिन इंडियन रेलवे में समस्याएं 1-2 साल पुरानी नहीं है. ये समस्याएं सालों से जुड़ती चली आ रही हैं और 2014 में हमें विरासत में मिली थीं. 

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प्रोजेक्‍ट का विरोध
इस मुद्दे पर कई विपक्षी दलों समेत केंद्र और महाराष्‍ट्र सरकार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोगी शिवसेना बुलेट ट्रेन परियोजना का विरोध कर रही है. महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना(मनसे) नेता राज ठाकरे ने भी इसका मुखर विरोध किया है. शिवसेना ने विरोध करते हुए अपने मुखपत्र 'सामना' में बुलेट ट्रेन को लूट और ठगी बताया और कहा कि जमीन-पैसा महाराष्ट्र और गुजरात का लगे और मुनाफा जापान कमाए. इसके पीछे शिवसेना ने तर्क दिया कि भारत में बुलेट ट्रेन, जापान की मदद से तैयार होगी और इसके लिए जापानी कंपनी कील से लेकर ट्रैक और तकनीक सब कुछ अपने देश से लाने वाली है. यहां तक कि मजदूर भी जापान से आने वाले हैं. 'भूमिपुत्रों' को नौकरी देने का विरोध भी जापानी कंपनी ने किया है.

 (इनपुट: भाषा से भी)