गुजरात रा.स चुनाव में NOTA के खिलाफ याचिका विचारणीय नहीं, EC ने कोर्ट में कहा

भाषा | Updated: Sep 14, 2017, 07:33 AM IST
गुजरात रा.स चुनाव में NOTA के खिलाफ याचिका विचारणीय नहीं, EC ने कोर्ट में कहा
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः चुनाव आयोग ने उच्चतम न्यायालय से कहा है कि राज्य में राज्यसभा चुनाव में इनमें से कोई नहीं (नोटा) विकल्प के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली गुजरात कांग्रेस के एक नेता की याचिका कानूनी प्रक्रिया का 'दुरुपयोग' और ​'विचारणीय नहीं' है. गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक द्वारा दायर याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि जनवरी 2014 से कई राज्यों में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव हुए हैं और नोटा का विकल्प तब से ही इसका हिस्सा है. आयोग ने शीर्ष अदालत के पूर्व के फैसलों का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रत्येक मतदाता को मत देने या नहीं देने का अधिकार है.

चुनाव आयोग ने शीर्ष अदालत में दायर अपने हलफनामे में कहा, 'शुरूआत में ही यह कहा जाता है कि मौजूदा रिट याचिका इस अदालत के समक्ष विचारणीय नहीं है क्योंकि उस रिट याचिका की सामग्री याचिकाकर्ता या उस मामले के लिये किसी अन्य व्यक्ति के किसी मौलिक अधिकार के उल्लंघन का खुलासा नहीं करती.' चुनाव आयोग ने यह भी कहा, 'मौजूदा रिट याचिका को यह अदालत शुरूआत में ही खारिज कर दे क्योंकि वह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इस अदालत के बेशकीमती न्यायिक समय की बर्बादी है.'

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शीर्ष अदालत ने गत तीन अगस्त को राज्यसभा चुनाव में नोटा प्रावधान की संवैधानिक वैधता का परीक्षण करने पर सहमति जताई थी. अदालत ने कहा था कि इस मुद्दे पर चर्चा किये जाने की आवश्यकता है. गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक शैलेश मनुभाई परमार ने राज्य में राज्यसभा चुनाव में नोटा के विकल्प के इस्तेमाल के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी.

उस चुनाव में पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता अहमद पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया था. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनैतिक सलाहकार पटेल ने पिछले महीने हुए राज्यसभा चुनाव में कांटे की टक्कर में जीत हासिल की थी.