असत्य पर सत्य की जीत : पीएम मोदी ने बाण चलाकर किया रावण के पुतले का दहन

साल 2014 के बाद यह दूसरा अवसर होगा जब पीएम विजयादशमी दिल्ली में मनाया है . पिछले वर्ष उन्होंने दशहरा लखनऊ में मनाया था. उससे पहले 2015 में उन्होंने दशहरा के दिन आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती की आधारशिला रखी थी और वहीं दिनभर रहे थे. 

असत्य पर सत्य की जीत : पीएम मोदी ने बाण चलाकर किया रावण के पुतले का दहन
लालकिले के सुभाष मैदान में धूं-धूं कर जलता रावण का पुतला (फोटो साभार - ANI)

नई दिल्ली: दशहरे के अवसर पर लाल किले के सुभाष मैदान में  पीएम नरेंद्र मोदी ने तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयश्री राम के उद्घोष के साथ अपना संबोधन शुरू किया और कहा कि भारत में त्योहार सामाजिक शिक्षा का माध्यम है. उन्होंने कहा कि हमारे उत्सव व्यक्ति को सामूहिकता की तरफ, समाज के प्रति संवेदनशीलता की ओर ले जाते हैं. इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी उपस्थित रहे.  बता दें कि हर साल लालकिले के पास होने वाली रामलीलाओं में विजयदशमी के दिन पीएम और राष्ट्रपति रावण दहन कार्यक्रम में शामिल होते हैं.  इस अवसर पर राष्ट्रपति और पीएम समेत अन्य नेताओं ने रामलीला के कलाकारों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती भी की. 

राष्ट्रपति ने कहा, 'दशहरा अच्छाई पर बुराई का प्रतीक'
इस अवसर पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हम सभी लोग जानते हैं कि दशहरा अच्‍छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है. प्रभु राम के जीवन आदर्श पूरी मानवता के लिए आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है, लेकिन मुझे लगता है कि उन आदर्शों की सार्थकता तभी कामयाब होगी, जब हम उन्‍हें अपने आचरण में ढालने की कोशिश करें. 

पीएम ने किया संबोधित
लालकिला मैदान में अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को विजयदशमी के पावन पर्व पर बहुत शुभकामनाएं. हमारे हर उत्सव मनुष्य को सामूहिकता की तरफ, समाज के प्रति संवेदनशीलता की तरफ ले जाते हैं. हमारे देश में उत्‍सव एक प्रकार से सामाजिक शिक्षा का माध्‍यम है. उन्होंने कहा कि हमारे उत्‍सव खेत खलिहान से भी जुड़े है और नदी-पर्वतों, इतिहास से भी जुड़े हुए हैं. हजारों साल हुए, लेकिन प्रभु राम ओर कृष्‍ण की गाथाएं आज भी समाजिक जीवन को चेतना-प्रेरणा देती रहीं.

2014 के बाद दूसरी बार कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं पीएम 
वर्ष 2014 के बाद यह दूसरा अवसर होगा जब पीएम विजयादशमी  का त्योहार दिल्ली में मनाया है. पिछले वर्ष उन्होंने दशहरा लखनऊ में मनाया था. उससे पहले 2015 में उन्होंने दशहरा के दिन आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती की आधारशिला रखी थी और वहीं दिनभर रहे थे. खास बात यह है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का पहला दशहरा भी दिल्ली में ही मना है. 

सुभाष मैदान में वीवीआईपी मूवमेंट के चलते दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. दशहरा के मौके पर लालकिला और रामलीला ग्राउंड के अलावा दिल्ली में 600 से 700 जगहों पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा.

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