राष्‍ट्रपति चुनाव : वोटिंग समाप्त, पीएम मोदी, सोनिया और राहुल ने किया मतदान

आंकड़ों में कोविंद का पलड़ा भारी दिख रहा है. मतों की गिनती 20 जुलाई को दिल्ली में होगी जहां विभिन्न राज्यों की राजधानियों से मत पेटियां लाई जाएंगी.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: Jul 17, 2017, 05:44 PM IST
राष्‍ट्रपति चुनाव : वोटिंग समाप्त, पीएम मोदी, सोनिया और राहुल ने किया मतदान
नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को पदभार ग्रहण करेंगे. (एएनआई)

नई दिल्‍ली : भारत के 14वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए सोमवार (17 जुलाई) सुबह से शुरू हुई वोटिंग शाम पांच बजे समाप्त हो गयी. इस बार राष्‍ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार में मुकाबला है. संसद भवन पहुंचकर सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान किया. इसके बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, मुरली मनोहर जोशी समेत कई नेताओं ने मतदान में हिस्‍सा लिया.

- कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मतदान किया.

- भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार, बसपा प्रमुख मायावती ने भी मतदान किया.
- अभिनेता एवं सांसद परेश रावल और हेमा मालिनी ने भी संसद भवन पहुंचकर वोटिंग में हिस्‍सा लिया.
- बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि कोई भी जीते देश का अगला राष्ट्रपति दलित समाज से ही होगा.
- संसद परिसर में वोट डालने के लिए लाइन में लगे सांसद, सुब्रमण्यम स्वामी और गिरिराज सिंह भी पहुंचे.
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति पद के लिए मतदान किया.
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एनडीए प्रत्याशी राम नाथ कोविंद भारी मतों से चुनाव जीत रहे हैं.
- केंद्रीय मंत्री उमा भारती, यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और योगी कैबिनेट के कुछ अन्य मंत्रियों ने मतदान किया.
- मध्‍य प्रदेश विधानसभा में राष्‍ट्रपति चुनाव में मतदान करने के लिए विधायकों की लंबी लाइन लगी हुई नजर आई.

संसद भवन के अलावा राज्‍यों की विधानसभाओं में सुबह 10 बजे से मतदान शुरू होकर शाम 5 बजे खत्म हुआ. संसद के दोनों सदनों में सांसदों की वोटिंग की व्यवस्था की गई थी, वहीं राज्य विधानसभाओं में वहां के निर्वाचित सदस्यों ने वोट डाला. आंकड़ों में कोविंद का पलड़ा भारी दिख रहा है. मतों की गिनती 20 जुलाई को दिल्ली में होगी जहां विभिन्न राज्यों की राजधानियों से मत पेटियां लाई जाएंगी.

निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए 32 केंद्र बनाए हैं, जिनमें से एक संसद भवन के कक्ष क्रमांक 62 में और एक-एक विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में बनाए गए. इस चुनाव के लिए 776 सांसद तथा 4,120 विधायक वोट देने के लिए पात्र हैं. निर्वाचक मंडल के कुल वोटों का मूल्य 10,98,903 है और राजग उम्मीदवार को 63 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है. राज्य विधानसभाओं में भी विधायक व सांसद आगामी राष्ट्रपति के चुनाव के लिए वोट डालने को कतारबद्ध दिखे. केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश में मतदान की रफ्तार शुरुआती घंटों में काफी तेज रही. यहां शुरुआती तीन घंटों में सैकड़ों विधायकों ने वोट डाले.

भाजपा तथा उसके सहयोगियों के पास 63 प्रतिशत वोट हैं, जबकि कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्ष के पास 35 प्रतिशत से कुछ ही अधिक वोट प्राप्त है. निर्दलीय और छोटी पार्टियों के पास केवल दो प्रतिशत वोट हैं, जिन्होंने अपने विकल्पों का खुलकर ऐलान किया.

कुल मतों की संख्या 10,98,903

निर्वाचक मंडल के कुल मतों की संख्या 10,98,903 है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार को 63 फीसदी से अधिक मत मिलने की संभावना है. भारतीय जनता पार्टी के सदस्य कोविंद को कुछ क्षेत्रीय पार्टियों को छोड़कर राजग के करीब सभी घटक दलों का समर्थन प्राप्त है. वहीं मीरा कुमार को कांग्रेस सहित 17 मुख्य विपक्षी दलों का समर्थन हासिल है.

24 जुलाई को पूरा होगा कार्यकाल

मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल 24 जुलाई को पूरा हो रहा है. अब तक मुखर्जी समेत 13 लोग इस पद पर रह चुके हैं. इन चुनावों में कुल 4896 मतदाता-4120 विधायक और 776 सांसद - अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिये पात्र हैं. राज्यों की विधान परिषद के सदस्य विधान पार्षद इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते.

12 नामित सदस्य नहीं डाल पाएंगे वोट

लोकसभा अध्यक्ष जहां इस चुनाव में मत डाल सकता है वहीं एंग्लो-इंडियन समुदाय से लोकसभा में नामित होने वाले दो सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता है. राज्यसभा के भी 12 नामित सदस्य इन चुनावों में मतदान के अयोग्य होते हैं. यह चुनाव क्योंकि गोपनीय मतपत्र के जरिये होता है इसलिये पार्टियां अपने सदस्यों को किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में मत डालने के लिये व्हिप जारी नहीं कर सकतीं.

मतगणना 20 जुलाई को

भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के पास शिवसेना को मिलाकर कुल 5,37,683 वोट हैं और उसे करीब 12000 और मतों की जरूरत है. हालांकि बीजद, टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस से समर्थन के वादे और अन्नाद्रमुक के एक धड़े से समर्थन की संभावना राष्ट्रपति चुनावों में वोटों की कमी के अंतर को पूरा कर सकती है. मतों की गणना 20 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी में होगी और उसी दिन शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे. नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को पदभार ग्रहण करेंगे.