गोरखपुर हादसे में 5 दिनों में 60 बच्चों की मौत पर कौन देगा इन सवालों के जवाब?

इस शर्मनाक हादसे के बाद सत्ता पक्ष का अपना तर्क है तो विपक्ष भी बयानबाजी कर अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने में जुट गई है. वहीं आम नागरिक हैं जो अस्पताल प्रशासन से कुछ सवाल पूछ रही है.

अंतिम अपडेट: Aug 13, 2017, 11:46 AM IST
गोरखपुर हादसे में 5 दिनों में 60 बच्चों की मौत पर कौन देगा इन सवालों के जवाब?
आम नागरिक प्रशासन से कुछ सवाल पूछ रहे है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली :  गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल की घटना ने सरकार और प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. 5 दिन में 60 बच्चों की मौत हो चुकी है. इस शर्मनाक हादसे के बाद सत्ता पक्ष का अपना तर्क है तो विपक्ष भी बयानबाजी कर अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने में जुट गई है. वहीं आम नागरिक हैं जो अस्पताल प्रशासन से कुछ सवाल पूछ रहे है.

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-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान अस्पताल प्रशासन ने सीएम को ऑक्सीजन के पैसे के बकाए के बारे में सूचना क्यों नहीं दी?
-जिन चिट्ठियों का खुलासा हुआ है उनसे स्पष्ट है कि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी ने सूचित किया था कि बकाया भुगतान नहीं हुआ तो वे कड़ा कदम उठाएंगे. इसके बाद भी डीएम ने इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया?
-क्या ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी के लिए 63 लाख रुपए इतनी बड़ी रकम थी कि वह सप्लाई बंद करने जैसा फैसला ले लिया?
-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑक्सीजन सप्लाई में पांच दिनों से दिक्कतें आ रहीं थीं. अगर ये भी छोड़ दें तो 30 बच्चों की मौत 36 घंटों के दौरान हुई. अस्पताल में दो-तीन बच्चों की मौत के बाद भी अगर प्रशासन ने ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में देरी की तो इसके लिए किसे जिम्मेदार माना जाए?
-मुख्यमंत्री के गृह जिले के सबसे बड़े अस्पताल प्रशासन ऐसी लापरवाही कर रहा है तो राज्य के दूसरे जिलों की क्या हाल होंगे?
-अखिलेश यादव, मायावती, गुलाम नबी आजाद जैसे विपक्षी नेताओं ने एक सुर में इस घटना के लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. बड़ा सवाल यह है कि जापानी बुखार की समस्या गोरखपुर में लंबे समय से है. ऐसे में पूर्ववर्ती सरकारों ने इससे निपटने के लिए कोई इंतजाम क्यों नहीं किया?