रिजल्ट आने से पहले ही सहपाठी को उतार दिया मौत के घाट, जानिए क्यों?

राजस्थान के अलवर जिले में 12वीं के एक छात्र ने अपने उस सहपाठी दोस्त की हत्या कर दी जो परीक्षा में उससे अधिक नंबर लाता था. 12वीं की परीक्षा में भी कहीं वह उससे आगे न निकल जाए, इस फोबिया में रिजल्ट आने से पहले ही उसे मौत के घाट उतार दिया. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: May 19, 2017, 12:56 PM IST
रिजल्ट आने से पहले ही सहपाठी को उतार दिया मौत के घाट, जानिए क्यों?
प्रतीकात्मक तस्वीर

अलवर : राजस्थान के अलवर जिले में 12वीं के एक छात्र ने अपने उस सहपाठी दोस्त की हत्या कर दी जो परीक्षा में उससे अधिक नंबर लाता था. 12वीं की परीक्षा में भी कहीं वह उससे आगे न निकल जाए, इस फोबिया में रिजल्ट आने से पहले ही उसे मौत के घाट उतार दिया. 

यह सनसनीखेज वारदात अलवर के शाहजहांपुर थाना इलाके के मनेठी जालावास का है. यहां रविवार को आरोपी छात्र ने धारदार हथियार से गला रेतकर अपने सहपाठी छात्र की हत्या कर दी. अलवर पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए बाल अपराध में मामला दर्ज किया है.

हत्या की सनसनीखेज वारदात का ये है पूरा घटनाक्रम

भिवाड़ी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद खोथ के अनुसार, वारदात की रात पुलिस को सूचना मिली की मनेठी जालावास नदी के रास्ते में गांव मनेठी के छात्र रोहित की किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से गला काट दिया. उसे इलाज के लिए बहरोड़ भेजा गया लेकिन वहां से जयपुर ले जाते समय रास्ते में ही छात्र ने दम तोड़ दिया. पुलिस ने जब मामले की छानबीन की तो एक दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से अहम सुराग मिले. रोहित घटना की रात मनेठी गांव के ही एक अन्य छात्र के साथ बाइक पर जाता दिखा. संदिग्ध छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया.

12वीं में भी दोस्त से कम नंबर आने का सता रहा था डर

दोस्त की हत्या का आरोपी छात्र से उसके पिता की मौजूदगी में पुलिस ने जब सादे कपड़ों में पूछताछ की तो जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था. उसने बताया कि 10वीं और 11वीं में भी रोहित ने उससे ज्यादा नम्बर हासिल किए थे और तब सभी ने उसे रोहित से कम आंका था. 15 मई को 12वीं का रिजल्ट आने वाला था उसे फिर रोहित से कम अंक आने का डर सता रहा था. इसी के चलते रोहित को लेकर उसकी कुंठा व गुस्सा बढ़ता गया और रिजल्ट आने से ठीक एक दिन पहले कोल्ड ड्रिंक पिलाने के बहाने उसे गांव से बाहर ले जाकर पहले गला घोंटा और फिर चाकू से गला काट दिया.