टोंक नगर पालिका में बड़ी लापरवाही, टेंडर के लिए जमा 200 डिमांड ड्राफ्ट गायब

मालपुरा नगर पालिका में निविदाओं के साथ ठेकेदारो द्वारा प्रस्तुत किए गए करीब दो सौ से ज्यादा डिमांड ड्राफ्ट गायब होने से कार्यालय में हडकंप मचा हुआ है

टोंक नगर पालिका में बड़ी लापरवाही, टेंडर के लिए जमा 200 डिमांड ड्राफ्ट गायब
पुलिस को मामला दर्ज कर कार्रवाई के लिए कहा गया है

पुरूषोत्तम जोशी/टोंक: प्रदेश के टोंक जिले की मालपुरा नगर पालिका में विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. कभी पार्षदों का हंगामा तो कभी शहरवासियों का सवाल. अब मालपुरा नगर पालिका में करोड़ों रूपए के विकास कार्यों के किए गए टेंडर की निविदाओं के साथ ठेकेदारों द्वारा जमा करवाई गई 200 से ज्यादा डिमांड ड्राफ्ट गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. जिससे ठेकेदारों के साथ पालिका अधिकारियों कार्मिकों में हड़कंप मच गया है. इसके विरोध में ठेकेदार भी पिछले दो दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं.

दरअसल मालपुरा नगर पालिका में बीते वर्षो के दौरान निविदाओं के साथ ठेकेदारो द्वारा प्रस्तुत किए गए करीब दो सौ से ज्यादा डिमांड ड्राफ्ट गायब होने से कार्यालय में हडकंप मचा हुआ है. डिमांड ड्राफ्ट उजागर होने का मामला तब उजागर हुआ जब लंबे समय से ठेका कार्य नहीं मिलने पर ठेकेदारों ने अपने डिमांड ड्राफ्ट वापस लेने की मांग शुरू की. पहले पालिका प्रशासन द्वारा ठेकेदारो को चकमा देते रहे लेकिन परेशान ठेकेदारों ने भूख हडताल शुरू कर दी.

खास बात यह है कि तीन चार माह पूर्व मालपुरा में नए नियुक्त हुए पालिका ईओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले कार्यालय में डिमांड ड्राफ्ट सर्च किया लेकिन शपथ पत्र देकर पालिका के सभी कर्मचारियों ने डिमांड ड्राफ्ट की जानकारी होने से इंकार कर दिया. जिससे मामला और गंभीर हो गया. अब डिमांड ड्राफ्ट का मामला मालपुरा पुलिस तक पहुंच गया है. वहीं पालिका ईओ भरत लाल मीणा ने कहा है कि डिमांड ड्राफ्ट गायब होने के मामले में मालपुरा थानाधिकारी के पास एफआईआर प्रेषित कर दी गई है. पुलिस को मामला दर्ज कर कार्रवाई के लिए कहा गया है.

हांलाकि अभी तक भी डिमांड ड्राफ्ट की मांग को लेकर भूख हडताल पर बैठे ठेकेदारों का कहना है कि पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है. जबकि ठेकेदारों की मांग है कि डिमांड ड्राफ्ट गायब होने के मामले में एफआईआर दर्ज करा दी जाए तो ठेकेदार संतुष्ठ हो जाएंगे. रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने से ही पालिका प्रशासन पर संदेह गहरा रहा है. जानकारी के अनुसार करीब एक करोड कीमत के डिमांड ड्राफ्ट सरकारी कार्यालय से गायब हुए है जिनका कोई अता पता नहीं है.
 
वहीं मालपुरा नगर पालिका से बकाया भुगतान लेने के लिए पालिका का दूसरा ठेकेदार राकेश विजय भी भूख हड़ताल पर बैठ गया. इससे पहले लंबे समय से नगर पालिका में बकाया भुगतान के लिए भटकने के बावजूद एसडी व अन्य कार्य की बकाया राशि नहीं दिए जाने से परेशान ठेकेदार प्रहलाद उर्फ बंटी खांडल ने पालिका कार्यालय के बाहर तंबू तान कर सोमवार से भूख हड़ताल शुरू की थी. भूख हड़ताल पर बैठे ठेकेदारों का कहना है कि पालिका द्वारा समय रहते बकाया भुगतान नहीं किया गया तो आमरण अनशन शुरू किया जाएगा जिसकी तमाम जिम्मेदारी पालिका प्रशासन की होगी.

भूख हड़ताल पर बैठे ठेकेदारों का आरोप है कि बकाया राशि का ब्याज मिल रहा है ना ही असल राशि दी जा रही है. ठेकेदारों ने कहा है कि भूख हड़ताल तभी समाप्त हो सकती है जब सभी ठेकेदारों को उनकी एसडी राशि का भुगतान किया जाए अन्यथा आमरण अनशन शुरू किया जाएगा. उधर पालिका की ओर से समझौते के लिए चर्चा के प्रयास किए गए लेकिन भूख हड़ताल पर बैठे ठेकेदारों की मांग है कि पहले डीडी गायब हुई है तो पुलिस ने पालिका की ओर से एफआईआर दर्ज कराई जाए उसके बाद निर्माण कार्य के भुगतान संबंधी चर्चा पर विचार किया जाएगा.