आंखों पर पट्टी बांधकर भी साफ-साफ पढ़ लेती हैं बाड़मेर ये लड़किया, जानिए कैसे

यंहा तक की वो किसी भी वस्तु को पहचान कर उसके बारे में विस्तार से जानकारी भी देती है.

आंखों पर पट्टी बांधकर भी साफ-साफ पढ़ लेती हैं बाड़मेर ये लड़किया, जानिए कैसे
दोनों की आंखो पर पट्टी बांध देने के बावजूद भी वह हर चीज को पहचान लेती हैं.(प्रतीकात्मक फोटो)

बाड़मेर: किसी की आंख पर अगर पट्टी बांध दी जाए तो जाहिर है कि वह किसी भी चीज को नहीं देख पाएगा. लेकिन बाड़मेर के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाला दो लड़कियों के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है. वह लड़कियां आंखो पर पूरी तरह से पट्टी बांध कर भी किताब व अखबार पढ़ लेती है. यंहा तक की वो किसी भी वस्तु को पहचान कर उसके बारे में विस्तार से जानकारी भी देती है. इन दोनों बालिकाओ का हुनर जो भी देखता है वो दांतो तले उंगली दबा देता है. 

जी हां हम बात कर रहे हैं  बाड़मेर शहर के श्री गणेश विद्या मंदिर में पढ़ने वाली वसुंधरा और दिव्या जो आंखों पर पट्टी बांधकर किताब पढ़ने को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. हालांकि यह कोई जादू नहीं है दरअसल मिड ब्रेन एक्टिवेशन की मदद से वसुंधरा और दिव्या ने बकायदा प्रशिक्षण प्राप्त किया है. अब इन दोनों की आंखो पर पट्टी बांध देने के बावजूद भी वह हर चीज को पहचान लेती हैं. 

यंहा तक की दोनों किताब व अखबार में लिखे शब्दों को पढ़कर सुना भी देती है. शिक्षिका प्रिया पारवानी की मानें तो वह इन दोनों बालिकाओं की आंखों पर गहरी पट्‌टी बांधती है ताकि इन दोनों को आर पार कुछ दिखाई नहीं दे. इसके बाद इन दोनों बालिकाओ के सामने अलग-अलग रंगों की गेंद भी रखी गई लेकिन आश्चर्य कि दोनों ने सभी गेदों के अलग-अलग रंग बिल्कुल सही सही बता दिए.

शिक्षिका प्रिया पारवानी बताती है की मिड ब्रेन एक्टिवेशन कोर्स के लिए बीस दिन से दो माह तक का समय लगता है. इस कोर्स के कुल 6 स्टेप है. इसके बाद बच्चे आंखें बंद करके या पट्टी बांधकर किताब पढ़ना, साइकिल चलाना आदि सामान्य कार्य कर सकते हैं. 

इसके अलावा श्री गणेश विद्यालय के प्रबंधक आनंद जे थोरी बताते है की पिछले समर कैंप के दौरान उदयपुर के खेरवाड़ा से तिलकेश जोशी व उनकी बेटी दीक्षा जोशी ने श्री गणेश विद्या मंदिर में मिड ब्रेन एक्टिवेशन का प्रदर्शन किया था. उस दौरान विद्यालय की शिक्षिका प्रिया पारवानी ने उनसे इस कला का प्रशिक्षण लिया और इन बच्चों का मिड ब्रेन एक्टिवेशन किया.

बता दें कि मिड ब्रेन एक्टिवेशन कोर्स करने के बाद बच्चों में एकाग्रता की जबर्दस्त बढ़ोतरी होती है. यहां तक कि वे आंखों में पट्टी बांधकर किताबें पढ़ सकते हैं. विभिन्न रंगों को आसानी से पहचान सकते हैं. कोर्स करने के बाद छात्रों की जीवन शैली ही बदल जाती है. यह कोर्स ध्यान तथा वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित है, जिससे कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.

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