575 कैमरों के जरिए अलवर पुलिस अपराधियों पर कसेगी शिकंजा

अभी तक अलवर शहर में 80 कैमरे लगाए जा चुके हैं. साथ ही 125 पोल तैयार किए गए हैं.

575 कैमरों के जरिए अलवर पुलिस अपराधियों पर कसेगी शिकंजा
अलवर शहर में 262 स्थानों पर 575 कैमरे लगाए जाएंगे.

अलवर: शहर लगातार बढ़े आपराधों के लेकर अलवर पुलिस ने कमर कस ली है. अब पुलिस प्रदेश के चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखेगी. अब अपराध करने वाले शातिर बदमाश हो या फिर भरे बाजार में लड़कियों से अभद्र व्यवहार करने वालों को पकड़ना आसान हो जाएगा. अलवर शहर में पुलिस कंट्रोल रूम पर बनने वाले अभय कमांड सेंटर का काम इन दिनों अंतिम चरण में हैं. 

अलवर शहर में आपराधों का ग्राफ इतना बढ़ चुका है कि हर चार दिन में जिले में 1 दुष्कर्म का मामला सामने आ रहा है. बाकी कई अन्य आपरधिक वारदातों ने भी पुलिस प्रशासन की नाक में दम कर रखा है. फिलहाल जिले को हाइटेक सुरक्षा मिलने जा रही है. 

बता दें कि जिले में अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर प्रोजक्ट, पुलिस विभाग राजस्थान सरकार आई टी विभाग की तरफ से शुरू किया जाना है. प्रारंभिक चरण में जयपुर में शुरुआत होने के बाद राज्य के सभी जिलों में इसकी स्थापना की गई है. मुख्य रूप से पूरे शहर की निगरानी अब पुलिस सेंटर पर बैठे बैठे ही कर सकेगी.

इसके तहत अभी तक अलवर शहर में 80 कैमरे लगाए जा चुके हैं. साथ ही 125 पोल तैयार किए गए हैं. कैमरे लगाने के लिए ऐसी जगह का चयन किया गया है जहां पर लोगों का आवागमन ज्यादा रहता है. यहां से 24 घंटे पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी शहर में नजर रख सकेंगे. डायल 100 व अन्य सुविधाएं जो पूर्व में चल रही थी उन सभी को अभय कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा. यह सेंटर पूरी तरह से वातानुकुलित होगा एवं पूरी तरह से नई तकनीकी पर आधारित रहेगा.

अलवर शहर में 262 चिन्हित स्थानों पर 575 कैमरे लगाए जाएंगे. मुख्य रूप से सरकारी कॉलेज, महाविद्यालय, स्कूल , बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि पर कैमरे लगाए गए हैं. मुख्य रूप से चार कैमरे लगाए जा रहे हैं. इसमें बुलेट कैमरे की खासियत यह है कि यह कई किलोमीटर तक सीधा कवर कर सकता है. इसी प्रकार से बॉक्स कैमरा जो देखता है उसे एक लिमिट तक जूम किया जा सकता है.

पीटीचैड कैमरा ऐसे स्थानों पर लगाया जाएगा जहां पर 307 डिग्री के वियोग में देखा जा सकेगा. 4k कैमरा सबसे आधुनिक है. यह शहर की प्रवेश सीमा पर लगाया जाएगा. सभी कैमरों में माइक्रो एसडी कार्ड लगे हुए हैं. जो लगातार लोकल रिकार्डिंग करने में सक्षम होगी. अगर किसी समय बिजली की सप्लाई नहीं होती है या फिर इंटरनेट आपूर्ति में बाधा आती है तो ऐसे समय में वह कैमरा अपने माइक्रो एसडी कार्ड में लोकल रिकार्डिंग कर सकेगा. 

सभी कैमरे आप्टिकल फाइबर से जुड़े हुए हैं. इससे किसी प्रकार की रिकॉर्डिंग का नुकसान नहीं होगा. सभी कैमरे जो आप्टिकल फाइबर से जुड़े हुए हैं, इनकी लाइव फीड अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्क्रीन पर देखी जा सकेगी.

कमांड सेंटर योजना का काम चरणबद्ध तरीके से काम चल रहा है. पुलिस कंट्रोल रूम पर तैयारियां अंतिम चरण में है.इसके अगले माह तक शुरु होने की संभावना है. प्रशासन ने ज्यादा भीड़ वाले स्थानों पर कैमरे लगाने की कोशिश की है. यदि शहर के संवेदनशील स्थान कैमरे लगाने से रह गए हैं तो उन्हें भी चिन्हित करके कैमरे लगा दिए जाएंगे.

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