भरतपुर: जाट आंदोलन फिलहाल टला,राज्य सरकार बातचीत को तैयार

विधायक विश्वेन्द्र की तरफ से राज्य सरकार से बातचीत करने के लिए आंदोलनकारियों का 8 सदस्यीय  प्रतिनिधिमंडल आज जयपुर जा रहा है.  

भरतपुर: जाट आंदोलन फिलहाल टला,राज्य सरकार बातचीत को तैयार
विश्वेन्द्र ने मांग ना मानने पर आज से आंदोलन की दी थी चेतावनी (फाइल फोटो)
Play

देवेंद्र सिंह/भरतपुर : भरतपुरके जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने और भरतपुर-धौलपुर के जाट समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को ले आंदोलन कर रहे कांग्रेस विधायक विश्वेन्द्र सिंह का वसुंधरा सरकार को दिए अल्टीमेटम के बाद राज्य सरकार ने विधायक विश्वेन्द्र को वार्ता के लिए बुलाया है. राज्य सरकार के मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने इस सम्बन्ध में विधायक विश्वेन्द्र को फ़ोन कर बातचीत भी की है.

विधायक विश्वेन्द्र की तरफ से राज्य सरकार से बातचीत करने के लिए आंदोलनकारियो का 8 सदस्यीय  प्रतिनिधिमंडल आज जयपुर जा रहा है.राज्य  सरकार से आज इस मुद्दे पर आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से  दोपहर में वार्ता होगी. इसके साथ अभी भरतपुर में होने वाला जाट प्रदर्शन फिलहाल टल गया है.

वैसे मीडिया से बातचीत में डीग-कुम्हेर विधायक विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि, "जाट आरक्षण आंदोलन में दर्ज मुकदमों को राज्य सरकार वापस ले और केन्द्र में धौलपुर-भरतपुर जिले के जाटों को आरक्षण देने के मामले में चिट्ठी लिखे. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पिछले एक साल से आरक्षण समिति के लोगों को धोखा दे रही है. जो भी फैसला लेना है सरकार जल्द ले, आगे का फैसला आंदोलनकारी वार्ता के बाद तय करेंगे.''

बताते चलें की विश्वेन्द्र के नेतृत्व में मंगलवार को भरतपुर में एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया गया था. इस दौरान  2016 और 2017 के दौरान जाटों के आरक्षण की मांग को ले कर किये गए उग्र आंदोलन के बाद राजस्थान सरकार ने आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और आरक्षण देने की वसुंधरा सरकार की मांग को पूरा ना करने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी. 

कांग्रेस विधायक विश्वेन्द्र के मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान भरतपुर में बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती भी की गयी थी. प्रदर्शन के दौरान विश्वेन्द्र और उनके समर्थक भरतपुर के एसपी कार्यालय भी पहुंचे और इससे संबंधित मांग-पत्र भी सौंपा था. मांग पत्र सौपने के बात आंदोलनकारियों पर दर्ज मुक़दमे वापस ना लेने की स्थिति में आंदोलन को राज्य स्तर कर करने की बात दोहराई थी.

बताते चले की  2016 और 2017  के जाट आरक्षण के लिए हुए आंदोलन के दौरान पुलिस ने इस मामले में कई मुकदमे आंदोलनकारियो के खिलाफ दर्ज किया था. दर्ज किये गए ये सारे केस सड़क और रेल आवागमन को बाधित करने से संबंधित है. आंदोलन से जुड़े मुकदमों को वापस लेने के सम्बन्ध में सरकार को निर्णय लेना है.

विश्वेन्द्र भरतपुर के पूर्व राजपरिवार से सम्बन्ध रखते हैं और फिलवक्त भरतपुर के दिंग-कुम्हेर सीट से विधायक हैं. वैसे राजनैतिक विश्लेषको का मानना है की राजस्थान के चुनावी माहौल के पहले हो रहे इस आंदोलन के पीछे जाटो को वसुंधरा सरकार के खिलाफ चुनाव से पहले गोलबंद करने की भी कवायत है. 

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close