राजस्थान: आज होगी विधानसभा चुनावों की तारीख की घोषणा, 3 बजे होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

राजस्थान के साथ आयोग छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, और मिजोरम की चुनाव की तारीखों का घोषणा भी करेगा.

 राजस्थान: आज होगी विधानसभा चुनावों की तारीख की घोषणा, 3 बजे होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस
चुनावों के तारीखों की घोषणा के बाद राज्य में आचार संहिता भी लागू हो जाएगी.

जयपुर: चुनाव आयोग आज राजस्थान के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा करेगा. यह घोषणा आज चुनाव आयोग आज दोपहर 3 बजे एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के जरिए करेगा. राजस्थान के साथ आयोग छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, और मिजोरम की चुनाव की तारीखों का घोषणा भी करेगा. आयोग द्वारा चुनावों के तारीखों की घोषणा के बाद राज्य में आचार संहिता भी लागू हो जाएगी.  

बता दें कि आचार संहिता लागू होने के बाद मंत्री, आयोग अध्यक्षों, उम्मीदवार के रिश्तेदार, अफसरों और चुनाव कार्य में लगी प्रशासनिक टीमों पर कई तरह की पाबंदियां लग जाएंगी. बता दें कि आदर्श आचार संहिता वो नियम है जो चुनाव के दौरान प्रत्याशियों और राजनीतिक पार्टियों पर लागू होती है. जिसका पालन करना सभी पक्षों को लिए अनिवार्य होता है.

क्या होती है आदर्श आचार संहिता
चुनाव की तारीखों के ऐलान होने के बाद से चुनाव संपन्न होने तक इसका पालन होता है. कुछ मामलों में नई सरकार अथवा शपथ ग्रहण के बाद इसे समाप्त किया जाता है. आदर्श आचार संहिता चुनाव को कई हिस्सों में बांटा गया है. जैसे सभा और जुलूस के लिए नियम, सत्ता में काबिज पार्टी के लिए नियम, मतदान के दिन के लिए नियम.

आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही देश अथवा प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पर रोक लग जाती है. अगर तबादला होता भी है तो वो सरकार नहीं बल्कि चुनाव आयोग के आदेश पर होता है. किसी भी तरह के उद्घाटन और शिलान्यास जैसे कार्यक्रमों की घोषणा कोई भी मंत्री या मुख्यमंत्री अथवा स्थानीय स्तर पर अधिकारी या जनप्रतिनिधि नहीं कर सकते हैं.

प्रदेश में किसी भी नए प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय स्वीकृति नहीं दी जा सकती है. न ही कोई बजट जारी किया जा सकता है यहां तक कि नहीं कोई भी नई नियुक्ति भी नहीं की जा सकती है. हालांकि कुछ खास परिस्थितियों में सरकार चुनाव आयोग से इजाजत लेकर कोई नियुक्ति या तबादला कर सकता है. वहीं सत्ताधारी दल अपनी उपलब्धियों का प्रचार प्रसार सरकारी खर्च पर नहीं कर सकते हैं.  

यहां तक कि प्रदेश में मंत्रिमंडल की कोई भी बैठक नहीं हो सकती है. आदर्श आचार संहिता में अब राजनीतिक दलों का घोषणा पत्र भी शामिल होता है. इसके तहत राजनीतिक दलों को यह बताना होता है कि घोषणा पत्र में किए गए वादों को वो कैसे पूरा करेंगे. चुनावी दौरों के लिए सरकार के किसी भी मंत्री को सरकारी वाहन के इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होती है. किसी भी निजी या राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी सरकारी वाहन के इस्तेमाल पर मनाही होती है.

प्रत्याशी और राजनीतिक दलों को किसी भी तरह की बैठक, सभा और रैली करने से पहले चुनाव आयोग से इजाजत लेनी होगी साथ ही इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को भी देनी होगी. प्रचार प्रसार के लिए किए जाने वाले हर तरह के खर्च का लिखित और प्रमाण भी चुनाव आयोग को देना होगा. जिससे यह तय हो सके की प्रत्याशी ने चुनाव लड़ने के लिए आयोग द्वारा तय राशि ही खर्च की है.

साथ ही कोई भी प्रत्याशी और राजनीतिक दल को कोई ऐसा बयान या काम नहीं कर सकता जिससे सामुदिक विवाद पैदा हो. किसी भी हालात में धर्म या जाति के आधार पर मतदान के लिए अपील नहीं होनी चाहिए. प्रचार प्रसार के लिए किसी भी धार्मिक स्थल जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्चा अथवा अन्य का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

किसी भी प्रत्याशी को बगैर चुनाव आयोग के इजाजत के लिए किसी भी जमीन, बिल्डिंग, ऑफिस या खाली पड़े स्थान का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. अगर जरुरी हो तो इसके लिए चुनाव आयोग से अनुमित लेना होगा. चुनाव आयोग ऐसे हर कार्यक्रम पर नजर रखता है जहां प्रत्याशी जाता है. ऐसे कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी भी कराई जाती है.

मतदान के लिए क्या होते हैं नियम
मतदान वाले दिन वोटरों को लाने और ले जाने के लिए राजनीतिक दल या प्रत्याशी वाहन का उपयोग नहीं कर सकते हैं. वोटिंग वाले दिन पोलिंग बूथ के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के प्रचार की मनाही होती है. मतदान से 48 घंटे पहले राजनीतिक दल और प्रत्याशी कोई भी रैली नहीं कर सकते हैं. पोलिंग बूथ पर प्रत्याशी की ओर लगाए जाने वाले कैंप में कोई भी पोस्टर, झंडा या पार्टी के प्रचार के लिए सामाग्री नहीं रखी जा सकती है. साथ ही यहां किसी तरह के खाद्य पदार्थ और नशीले उत्पादों के रखने पर भी मनाही होती है.

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