राजस्थान: अनोखा है 100 फीट गहरी गुफा में विराजमान गंगेश्वर महादेव का मंदिर

यहां आने वाले भक्तों में आमजन के साथ ही प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व यूडीएच यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी भी शुमार हैं

राजस्थान: अनोखा है 100 फीट गहरी गुफा में विराजमान गंगेश्वर महादेव का मंदिर
जानकारी के अनुसार यह मंदिर संवत 949 में निर्मित हुआ था

दीपक व्यास/चित्तौड़गढ़: प्रदेश के चित्तौड़गढ़ प्रकृति की गोद में 100 फीट गुफा में विराजे हैं गंगेश्वर महादेव. पूर्व मुख्यमंत्री राजे की भी गंगेश्वर महादेव में आस्था खूब है. चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा उपखंड क्षेत्र के बंबोरी-रघुनाथ पूरा में अलौकिक शक्तियों के स्वामी भगवान भूतनाथ श्मशान में 100 फीट गहरी गुफा में विराजित है. खबर के मुताबिक यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की हर मुराद पूरी होती है.

यहां आने वाले भक्तों में आमजन के साथ ही प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व यूडीएच यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी भी शुमार है. देवों के देव महादेव भगवान यहां भक्तों की हर मुराद पूरी करते हैं. गंगेश्वर महादेव महादेव के नाम को लेकर प्राचीन कथा है कि बम्बोरी कस्बे से उत्तर दिशा की ओर 8 किलोमीटर दूर बिनोता नाम का एक कस्बा है जहां प्राचीन समय में राजा चकवावेन हुआ करते थे. वह गंगा के परम भक्त थे. कहा जाता है कि वह रोज गंगा नदी में जाकर स्नान करते थे. एक दिन गंगा दशमी को मरू नामक राक्षस ने छल पूर्वक रात को मुर्गा बनकर छिप गया. जब राजा उठकर गंगा स्नान के लिए चले गए तब पीछे से राक्षस ने रानी के साथ दुराचार करने की कोशिश की. तभी वहां विराजित अंबामाता ने राक्षस का वध कर दिया. 

वहीं दूसरी ओर गंगा मैया ने राजा की भक्ति से प्रसन्न होकर खुद उनके पास आने की बात कही. गंगा मैया के बीच राह में बंबोरी गांव में से गायों के झुंड में से होकर गुजरने लगी तभी गोपालक चरवाहे ने उन्हीं गायों में से एक को पुकारा 'ये गंगा कहां जा रही है यहीं रुक जा' इतना सुनते ही मां गंगा धरती को चीरकर 100 फीट गहरी गुफा के बनाकर यहां बस गई. इस बात का पता राजा को चलने पर राजा ने उनसे अपने गांव में चलने को विनती की तो माता ने कहा अब तो मे यहीं रहूंगी लेकिन मेरा आंशिक रूप गुफा में होता हुआ तेरे महल की बावड़ी में प्रवाहित होगा. उसी दिन से बंबोरी की गुफा से होता हुआ गंगाजल बिनोता स्थित गोमुख द्वारा जाता है. 

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मंदिर संवत 949 में निर्मित हुआ था यानी यह मंदिर 1100 वर्ष से भी अधिक पुराना है. इस मंदिर में करीब 800 वर्ष से पूजा का उसरा नाथ समाज के पुजारी ही कर रहे हैं. गौरतलब है कि साल 2013 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी चुनाव प्रचार के दौरान यहां पहुंची थी.  गंगेश्वर महादेव में पूजा-अर्चना कर लोकसभा चुनावो में भारतीय जनता पार्टी की 25 मे 25 सीटें जीतने की मनोकामना की थी. उक्त चुनाव में भाजपा ने राजस्थान में 25 सीटें जीती जिसके बाद ग्रामीणों व पूर्व मंत्री व तत्कालीन विधायक श्रीचंद कृपलानी की मांग पर उक्त मंदिर का विकास मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के तर्ज पर करने का सीएम राजे ने आश्वासन दिया. गंगेश्वर महादेव मैदान पर अस्थाई हेलीपैड भी बना हुआ है जिस पर राजस्थान के दो दिग्गज वसुंधरा राजे सिंधिया व करोड़ी लाल मीणा आकर जनसभाएं कर चुके हैं.