शर्मनाक: डॉक्टर की लापरवाही ने ली नवजात की जान, प्रसव के दौरान जोर से खींचने पर हुआ कुछ ऐसा!

मामले की जांच के आदेश के बाद गुरुवार को सरकार ने डॉक्टर और दोनों कंपाउंडर पर कार्रवाई की है. जिसके बाद डॉक्टर निखिल शर्मा को एपीओ और दोनों कंपाउंडरों को सस्पैंड किया गया है.

शर्मनाक: डॉक्टर की लापरवाही ने ली नवजात की जान, प्रसव के दौरान जोर से खींचने पर हुआ कुछ ऐसा!
नवजात की मां दीक्षा कंवर अभी भी अचेतावस्था में है. (फाइल फोटो)

जैसलमेर/ मनीष रामदेव: रामगढ़ शर्मनाक: डॉक्टर की लापरवाही ने ली नवजात की जान, प्रसव के दौरान जोर से खींचने पर हुआ कुछ ऐसा!कस्बे में प्रसव के दौरान बच्चे के टुकड़े होने के मामले ने सब लोगों को हैरान कर दिया है. यह घटना केवल बच्चे के परिजन ही नहीं बल्कि अन्य लोगों के लिए भी दिल दहला देने वाली है और बच्चे के पोस्टमार्टम के बाद जो सच सामने आया है उसे जान आप बिलकुल ही दंग रह जाएंगे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि बच्चे को इतनी तेजी से खींचा गया था कि नवजात के पैरों की हड्डियों में फ्रेक्चर आ गए और उसका लीवर फट गया था. कंपाउडर की इस लापरवाही के कारण बच्चे के दो टुकड़े हो गए और उसका मां की कोख में ही रह गया. 

वहीं मामले की जांच के आदेश के बाद गुरुवार को सरकार ने डॉक्टर और दोनों कंपाउंडर पर कार्रवाई की है. जिसके बाद डॉक्टर निखिल शर्मा को एपीओ और दोनों कंपाउंडरों को सस्पैंड किया गया है. 

आपको बता दें, अस्पताल में महिला के प्रसव के दौरान दोनों ही कंपाउडर ही प्रसव करवा रहे थे और डॉक्टर का मकान अस्पताल के बरबार में ही था लेकिन इसके बाद भी दोनों कंपाउडर ही महिला के प्रसव का प्रयास करते रहे. इस घटना के बारे में कंपाउडर अमृतराम ने बताया कि उन्होंने महिला के परिजनों के बाद ही मदद करने के लिए प्रसव कराने का प्रयास किया था. जिसके बाद प्रसव न हो पाने के कारण डॉ. जूंझार सिंह को बुलाया गया और प्रसव नहीं सका. जिस कारण बच्चे का धड़ बाहर आ गया और सिर रह गया. 

अस्पताल में मां अभी भी अचेत, स्थिति नाजुक 
जोधपुर के अस्पताल में दीक्षा कंवर अभी भी अचेतावस्था में है. उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. उनके घर की महिलाएं वहां पर मौजूद हैं. परिजनों की बेबसी भी इस हद तक है कि वे अपने कुल के चिराग को खोकर रो भी नहीं सकते हैं क्योंकि मां से यह सच जो छिपाना है.