VIDEO: रेतीले धोरों में जंगी टैंकों के धमाकों से थर्रा उठा थार!

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहे युद्धाभ्यास 'विजय प्रहार' का बुधवार को समापन होगा. 1 अप्रैल से चल रहे इस युद्धाभ्यास में सप्त शक्ति कमांड के 20 हजार सैनिकों ने जमीन और आसमानी युद्ध कौशल की तकनीक पर काम करते हुए परमाणु हमले से मुकाबले का भी अभ्यास किया है.

VIDEO: रेतीले धोरों में जंगी टैंकों के धमाकों से थर्रा उठा थार!

बीकानेर : महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहे युद्धाभ्यास 'विजय प्रहार' का बुधवार को समापन होगा. 1 अप्रैल से चल रहे इस युद्धाभ्यास में सप्त शक्ति कमांड के 20 हजार सैनिकों ने जमीन और आसमानी युद्ध कौशल की तकनीक पर काम करते हुए परमाणु हमले से मुकाबले का भी अभ्यास किया है.

भविष्य में युद्ध होने की स्थिति में रासायनिक और परमाणु हथियारों से निबटने के लिए सेना के जवानों और अधिकारियों ने रेगिस्तान के रेतीले धोरों में न्यूक्लियर प्रोटेक्शन सूट पहनकर अभ्यास करते हुए कई नई तकनीकों पर काम किया. सैन्य सूत्रों ने बताया कि सेना ऐसे हमलों से निबटने के लिए वायुसेना के साथ मिलकर खुद को तैयार कर रही है. बुधवार को युद्धाभ्यास 'विजय प्रहार' के समापन पर सप्त शक्ति के कमांडर समेत अनेक शीर्षस्थ सैन्य अधिकारी लगभग 40 दिनों से चल रहे युद्धाभ्यास का अवलोकन करेंगे.

 

इस युद्धाभ्यास के दौरान राजस्थान में स्थापित भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमांड के सैनिकों ने परमाणु हथियार, कठिन पर्यावरण समेत सभी आकस्मिक परिस्थितियों में लड़ने के लिए खुद को तैयार किया है.

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