राजस्थान चुनाव: कांग्रेस की नई रणनीति, बीजेपी को उसी की भाषा में देगी कड़ा जवाब!

इस रणनीति पर काम करने के लिए कमेटी की पहली बैठक 14 अक्टूबर को बुलाई गई है. दरअसल कांग्रेस इस बार बीजेपी को उसी के बयानों से घेरने की तैयारी कर रही है. 

राजस्थान चुनाव: कांग्रेस की नई रणनीति, बीजेपी को उसी की भाषा में देगी कड़ा जवाब!
फाइल फोटो

जयपुर: विधानसभा चुनाव में जीत का परचम लहराने के लिए राजस्थान कांग्रेस की कैंपेनिंग कमेटी इस बार खास रणनीति पर काम करने जा रही है. जिसके तहत कांग्रेस, बीजेपी को उसी की भाषा में जवाब देगी. कांग्रेस कमेटी की रणनीति रहेगी कि जनता के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वसुंधरा राजे के पिछले चुनाव के वायदे दिखाए जाएं जिनमें उन्होंने जनता से 15 लाख रुपए खाते में डालने, बेरोजगारी दूर करने, महंगाई और काले धन वापस लाने जैसे दावे किए थे.

इस रणनीति पर काम करने के लिए कमेटी की पहली बैठक 14 अक्टूबर को बुलाई गई है. दरअसल कांग्रेस इस बार बीजेपी को उसी के बयानों से घेरने की तैयारी कर रही है. राजस्थान कांग्रेस कैंपेनिंग कमेटी के चेयरमैन रघु शर्मा ने बताया कि चुनाव के दौरान हाईटेक प्रचार के साथ साथ नरेंद्र मोदी वसुंधरा राजे के उन वायदों को भी दिखाया जाएगा जिस के दम पर बीजेपी सत्ता में आई थी. कांग्रेस चाहती है कि पुराने वीडियो और समाचार पत्रों की कटिंग्स के जरिए बीजेपी के अधूरे वालों को जनता के सामने रखकर कांग्रेस अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर सके.

हाईटेक और पारंपरिक दोनों तरीके से होगा चुनाव कैंपेन
इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का चुनावी कैंपेन कई मोर्चों पर एक साथ काम करेगा. जिसमें डोर टू डोर कार्यकर्ताओं को मतदाताओं से जोड़ने कांग्रेस की नीतियों के बारे में उन्हें अवगत कराने और कांग्रेस के घोषणा पत्र के बारे में उन्हें जानकारी देना होगा. साथ ही सभी 33 जिलों में कांग्रेस इस बार बनाए जा रहे स्पेशल रथ भेजेगी जिनमें लगी LED पर कांग्रेस की योजनाओं के साथ साथ नरेंद्र मोदी और वसुंधरा राजे के पुराने वीडियो भी दिखाए जाएंगे. इसके अलावा सोशल मीडिया पर विशेष हेश टैग के साथ इन पुराने वीडियोस को डाला जाएगा. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कंपनी कमेटी का अहम रोल अदा होने वाला है. लिहाजा कैंपेनिंग कमेटी चाहती है कि पोस्टर बैनर और अन्य प्रचार सामग्री में भी कांग्रेस के खास स्लोगन और चुनावी नारों का उपयोग किया जाए. 

शहरी और ग्रामीण मतदाताओं के लिए अलग-अलग बनेगी रणनीति
कांग्रेस कैंपेनिंग कमेटी की रणनीति यह भी है शहरी मतदाताओं और ग्रामीण मतदाताओं के लिए अलग-अलग कैंपेन चलाए जाएं ताकि उनसे जुड़ने में कार्यकर्ता को आसानी रहे. कांग्रेस की कोशिश है कि कांग्रेस के चुनाव प्रचार में हाईटेक और पारंपरिक चुनावी तौर तरीकों का समावेश हो ताकि परिवेश और माहौल के हिसाब से कांग्रेस अपनी बात जनता तक पहुंचा सके. देखना होगा कि भारतीय जनता पार्टी इस बार कांग्रेस के इस चुनावी अभियान का कैसे जवाब देती है.

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