कुम्भलगढ: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गणेश सिंह परमार को दिखाया आइना, कहा- खुद हैं हार के जिम्मेवार

कुम्भलगढ आमेट विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे गणेश सिंह परमार के हार का ठीकरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर थोपने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बैठक कर परमार को ही उनकी हार का जिम्मेवार बता दिया. आपको बता दें कि, परमार ने 2 जनवरी को केलवाड़ा गांव में बैठक कर पार्टी विरोधी चुनाव प्रचार करने वाले कार्यकर्ताओ को निष्कासित करने की मांग की थी. 

कुम्भलगढ: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गणेश सिंह परमार को दिखाया आइना, कहा- खुद हैं हार के जिम्मेवार
कुम्भलगढ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी की हार के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और परमार के बीच आपसी बयानबाजी लगातार जारी है. (फाइल फोटो)

आमेट(राजसमंद): कुम्भलगढ आमेट विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे गणेश सिंह परमार के हार का ठीकरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर थोपने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बैठक कर परमार को ही उनकी हार का जिम्मेवार बता दिया. आपको बता दें कि, परमार ने 2 जनवरी को केलवाड़ा गांव में बैठक कर पार्टी विरोधी चुनाव प्रचार करने वाले कार्यकर्ताओ को निष्कासित करने की मांग की थी. 

जिसके बाद परमार से असंतुष्ट कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने 4 जनवरी को क्षेत्र के झितरिया गांव में बैठकर कर उन्हें ही विधानसभा चुनाव में हार का जिम्मेदार ठहराया. बैठक के दौरान मौजूद पूर्व प्रधान किशनलाल गुर्जर एवं भीम पीसीसी सदस्य गणेशलाल गुर्जर ने कहा कि परमार की हार का कारण कार्यकर्ताओं की अनदेखी है. इस दौरान बैठक की अध्यक्षता राजसमंद से आए वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी एवं पीसीसी सदस्य गुणसागर कर्नावट ने की. वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व प्रधान किशनलाल गुर्जर, सत्यनारायण देवपुरा, पूर्व उपप्रधान चुन्नीलाल पालीवाल, प्रदेश पदाधिकारी दिलीप सिह राव, पीसीसी सदस्य गणेशलाल गुर्जर, भोपाल सिह राठौड़, गोपाल जोशी, कैलाश शर्मा, ललित गेलड़ा और हजारी भील मौजूद रहे. 

परमार के आरोपों का जवाब देते हुए बैठक में शामिल लोगों ने हार का जिम्मेवार कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों की उपेक्षा को बताया. बैठक के दौरान पीसीसी सदस्य गणेशलाल गुर्जर ने कहा कि उनके कुंभलगढ़ कांग्रेस का नेतृत्व संभालने के बाद से पार्टी की दशा काफी कमजोर हुई है. जिस कारण स्थानीय ईकाई टूट की कगार पर पहुंच गई है. गुर्जर ने विधानसभा चुनाव में परमार की हार को उनके कर्मों की हार बताया. उन्होंने परमार पर दस वर्षों में पार्टी को लगातार कमजोर करने का आरोप लगाते हुए राज्य नेतृत्व से कुम्भलगढ आमेट विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेवारी किसी दूसरे व्यक्ति को सौपने की मांग भी की. 

बैठक के दौरान मौजूद गुंणसागर कर्नावट ने भी परमार पर कई आरोप लगाए. कर्नावट ने कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री देवपुरा की मूर्ति नहीं लगने देने के लिए अपना पूरा दमखम लगा दिया था. जिस कारण उनसे क्षेत्र का आम कार्यकर्ता के अलावा आम लोग भी नाराज थे. जिस कारण विधानसभा चुनाव के दौरान उनके विरोध में मतदान हुआ.  कर्नावट ने कहा की पूर्व प्रधान एवं पूर्व मुख्यमंत्री देवपुरा के पुत्र सत्यनायण देवपुरा ने मूर्ति लगाने के लिए अशोक गहलोत एवं प्रदेश के कई आला नेताओं को मूर्ति का अनावरण करने के लिए कुंभलगढ़ आने के लिए राजी कर लिया था. लेकिन मुर्ति अनावरण के पहले कई नेताओं ने प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं कमीश्रर से मिल कर इसकी जगह को अवैध बता दिया. जिस कारण मूर्ति अनावरण कार्य स्थगित हो गया. लगातार दूसरी बार चुनाव हारने वाले परमार पर निशाना साधते हुए कर्नावट ने कहा कि अब अपनी हार का ठिकरा दूसरों के सर फोडऩे के बजाय उनको चिंतन करना चाहिए. 

बैठक को मांगीलाल गुर्जर, हजारी भील, कैलाश शर्मा, प्रकाश सैन, मांगूसिंह, मदन सैन, नरेश मेहता, रघुवीरसिंह, गोपाल जोशी सहित कई अन्य लोगों ने सम्बोधित किया. इस दौरान आमेट एवं कुंभलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे.

आपको बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले परमार 2008 के चुनाव में कुम्भलगढ आमेट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हैं. चुनाव में उनकी हार के बाद कुम्भलगढ विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और परमार के बीच आपसी बयानबाजी लगातार जारी है.