जैसलमेर में डांस टूरिज्म की नई पहल, डांस सीखने आ रहे है सैलानी

सलमेर के हरीश इन विदेशी बालाओं को पूरी शिद्दत के साथ नृत्य का प्रशिक्षण देते है

जैसलमेर में डांस टूरिज्म की नई पहल, डांस सीखने आ रहे है सैलानी
हरीश अब तक 56 से अधिक देशो में डांस प्रस्तुति दे चुके है.

जैसलमेर: स्वर्ण नगरी जैसलमेर पूरे विश्व में अपनी अनूठी शिल्प कला, नक्काशी, झरोखों और कला संस्कृति के लिए विख्यात है. लेकिन इन दिनों स्वर्णनगरी संगीत के रंग के सराबोर नजर आ रहा है. जैसलमेर की फिजा में इन दिनों सुबह से शाम तक नृत्य और संगीत की खनक महसूस की जा सकती है. हम बात कर रहे हैं जैसलमेर के क्वीन हरीश की. जिन्होने पर्यटन में एक नया अध्याय जोड़ा है और वो है डांस टूरिज्म का है.

खबर के मुताबिक क्वीन हरीश हर वर्ष सैकड़ों पर्यटकों नृत्य की तालीम देते हैं. साथ ही वह पर्यटकों को कालबेलिया नृत्य, जिप्सी डांस और राजस्थानी नृत्य के साथ साथ बॉलीवुड गीतों के फ्यूजन में भी पारंगत करते हैं. इन दिनों स्वर्णनगरी में गीतों पर थिरकती विदेशी बालाएं ऐसी प्रतीत होती हैं जैसे इनसे उनका सालों पुराना नाता हो. इतना ही नहीं जैसलमेर के हरीश इन विदेशी बालाओं को पूरी शिद्दत के साथ नृत्य का प्रशिक्षण देते है, ताकि देश-विदेश की कला और संस्कृति को जोड़ पाएं. 

क्वीन हरीश इन्हे नृत्य में पारंगत करके यहां आने वाले पर्यटकों के सामने इनका प्रदर्शन भी करवाते हैं. जिसको देख देसी सैलानी दांतो तले उंगलिया दबा लेते हैं. इन दिनों बेल्जियम से आया ग्रुप राजस्थानी गीतों के साथ साथ फिल्मी गीतों पर ठुमका लगाते देखे जा सकते हैं. यहां से सीखे कई पर्यटक अपने देश में जाकर राजस्थानी नृत्य की ख़ूबसूरती से लोगों को रूबरू करवाते हैं.
 
विदेशी सैलानी सारा कहना है की 'पिछले कई सालों से हरीश की बारे में सुना है. उन्हें इस डांस में बहुत मजा आता है. साथ ही उन्हें भारत से बहुत लगाव है. ऐसे तो जैसलमेर बहुत खूबसूरत जगह है लेकिन अब डांस टूरिज्म से जैसलमेर की नयी पहचान बनेगी. इसका पूरा श्रेय क्वीन हरीश को जाता है'.

जिले के लोक कलाकार लगातार बॉलीवुड में धूम मचा रहे हैं. विख्यात डांसर क्वीन हरीश ने अब बॉलीवुड में दस्तक दी है. बता दें कि उन्होंने जाने माने फिल्म निर्देशक प्रकाश झा की फिल्म गंगाजल-2 में नृत्य किया है. हरीश देश भर के अलग अलग हिस्सों में राजस्थानी लोकनृत्य का लोहा मनवा चुके हैं.

गौरतलब है कि हरीश का नृत्य विदेशों तक विख्यात हो चुका है. वे जैसलमेर में डांस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है. सालाना सैकड़ों सैलानी उनसे डांस की ट्रेनिंग लेने के लिए जैसलमेर आते हैं. हरीश अब तक 56 से अधिक देशो में डांस प्रस्तुति दे चुके है. जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई बार समामनित भी किया जा चुका है. 

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