राजस्थान : चुनाव से पहले घिरी सरकार, किसानों ने किया चुनावों का बहिष्कार

जिले में इस बार बारिश नहीं होने की वजह से किसानों के खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से सुखी है. बारिश के अभाव में किसानों कें खेतों में खड़ी फसल बाजरा, मुंग, मोट, गवार, तील सहित अन्य फसलें पुरी तरह जल चुकी हैं. 

राजस्थान : चुनाव से पहले घिरी सरकार, किसानों ने किया चुनावों का बहिष्कार

जालोर: राजस्थान के जालोर जिले के किसान महज खेती पर निर्भर हैं और खेती करके ही अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं. ऐसे में जालोर जिला डार्क जोन हो जाने की वजह से अब बोरवेल करवाने के किसानों को अनुमति नहीं है. ऐसे में इस विधानसभा पर चुनाव से पहले किसानों ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है. जालोर जिले को डार्क जोन से मुक्त करने को लेकर लंबे समय से प्रयास कर रहे किसान अब मायूस हो चुके हैं. किसानों ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वो इस साल किसी को भी वोट नहीं देंगे. 

किसानों ने जी मीडिया को बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में किसान किसी को वोट नहीं देंगे, किसान नेताओं ने साफ शब्दों में बहिष्कार के ऐलान और किसानों के इस फैसले के बाद जिले की राजनिती में बड़ा भूचाल आ चुका है. जिले के किसानो से अब जनप्रतिनिधियो ने संपर्क करना शुरू कर दिया है. जी मीडिया ने जब ग्राउंड जीरो पर जाकर किसानों के हालात जानने का प्रयास किया.

आपकों बता दे, जिले में इस बार बारिश नहीं होने की वजह से किसानों के खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से सुखी है. बारिश के अभाव में किसानों कें खेतों में खड़ी फसल बाजरा, मुंग, मोट, गवार, तील सहित अन्य फसलें पुरी तरह जल चुकी हैं. जिसके चलते निराश किसानों नें ये बड़ा फैसला लिया है. किसानों ने ऐलान कर दिया है, कि इस बार विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे और जनप्रतिनिधियों को दिखा देंगे किसानों की क्या ताकत है.

जिले को डार्क जोन से मुक्त करने को लेकर पिछले कई सालों से राजस्थान किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने कई बार जिलेभर में विरोध प्रदर्शन किया तथा महापड़ाव भी किए लेकिन सरकारी नुमाइंदों की उदासीनता के चलते आज भी जिला डार्क जोन है. जिसके चलते किसानों को खेती से वंचित रहना पड़ रहा है और पीने के पानी के लिए भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. 

किसान संघर्ष समिति के संयोजक ने बताया कि जिलेभर में हम पिछले कई सालों से जिले को डार्क जोन से मुक्त करने को लेकर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमारी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है. हमारी प्रमुखता से यही मांग है कि जिले को डार्क जोन से मुक्त कर दिया जाए तथा माही बजाज का पानी जिले को दिया जाए, ताकि किसानों को पीने के पानी तथा सिंचाई में पानी का उपयोग कर सकें लेकिन हालात जस के तस हैं. आज भी किसान, मजदूर तथा आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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