राजस्थान: शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पहुंचे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय, अधिकारियों को दिए निर्देश

मीडिया से बातचीत में मंत्री डोटासरा ने महापुरुषों से संबंधित चैप्टर में बदलाव के संकेत भी दिए.

राजस्थान: शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पहुंचे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय, अधिकारियों को दिए निर्देश
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर में अधिकारियों के साथ बैठक करते शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा.

अजमेर: राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा मंत्री बनने के बाद पहली बार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पहुंचे. जहां उन्होंने प्रदेश में आयोजित होने वाली परीक्षाओं को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी की. इस दौरान मीडिया से बातचीत में मंत्री डोटासरा ने महापुरुषों से संबंधित चैप्टर में बदलाव के संकेत भी दिए. इसके अलावा अगले शैक्षणिक सत्र तक पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई समायोजित स्कूलों को शुरू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रयास किए जाने की बात भी कही.   

बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान राज्य में सत्र 2018 -19 के लिए होने वाली सेकेंडरी और सीनियर सेकंडरी परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर भी दिशा-निर्देश भी दिया. बैठक के बाद उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की समस्या ना हो, इसके लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए गए है. वहीं, पिछली वसुंधरा सरकार के समय बोर्ड में खाली पड़े लंबे समय से पदों पर अब तक कोई भर्ती नहीं होने के बाबत जरूरी प्रक्रिया की शुरुआत करने की बात भी कही.

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले सरकार ने सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए महापुरुषों से संबंधित पाठ्यक्रमों को जोड़ा था. जबकि, देश के लिए अहम योगदान देने वाले महापुरूषों से संबंधित चैप्टर को पाठ्यक्रम से बाहर कर दिया गया था. राज्य सरकार जल्द इन सभी बातों को को ध्यान में रखकर एक कमेटी का गठन कर इसकी समीक्षा करने जा रही है. 

उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कारों के नाम भी बदले जा सकते है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना कुछ सोचे गांव ढाणियों से स्कूल बंद कर दिए. उन्हें दूबारा शुरू करने के लिए विभाग से जानकारी ली गई है.वहीं, आवश्यकता के अनुसार अगले सत्र से इन स्कूलों को फिर से चालु किया जा सकता है. वहीं, इसके लिए शिक्षकों की कमी को भी जल्द दूर किया जाएगा, इसके लिए भी राज्य सरकार तैयार है. 

गहलोत सरकार में मंत्री बनने के बाद शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने अजमेर के विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर भी पहुंचे. जहां दरगाह कमिटी ने उन्हें सम्मानित भी किया.