जोधपुर: तलाबा की सफाई न होने से नाराज हुए लोग, चुनावों का बहिष्कार करने की दी चेतावनी

लोगों का आरोप हैं कि पिछले दिनों यहां डेंगू से दो बच्चो की मौत हो गई. लोगों का यह भी आरोप है कि कई बार शिकायतों के बाद भी जब प्रशासन ने इस क्षेत्र की सूध नही ली.

जोधपुर: तलाबा की सफाई न होने से नाराज हुए लोग, चुनावों का बहिष्कार करने की दी चेतावनी

जोधपुर/ भवानी भाटी: राजस्थान के जोधपुर के भीतरी इलाके में स्थित ऐतिहासिक बाईजी का तालाब. कभी लोगों की प्यास बुझाने वाला यह तालाब अब प्रशासनिक उपेक्षा के चलते गंदगी और कचरे से अटा तो पिछले लंबे से पड़ा हैं, लेकिन समय गुजरने के साथ कई बार इसके सरंक्षण पुनरोदर की कई योजनाए भी बनी लेकिन यह योजनाए केवल कागजो में ही सिमट कर रह गई. ऐसे में अब यह तालाब डेंगू जैसे मच्छर जनित बीमारियों के कारण स्थानिय लोगों के लिए परेशानी तो हैं ही साथ ही मौत का तालाब बन गया. 

लोगों का आरोप हैं कि पिछले दिनों यहां डेंगू से दो बच्चो की मौत हो गई. लोगों का यह भी आरोप है कि कई बार शिकायतों के बाद भी जब प्रशासन ने इस क्षेत्र की सूध नही ली. इसी का नतीजा है कि यहां दो बच्चो को अपनी जान गावनि पड़ी. अब परेशान इलाके के लोगों ने चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है. जबकि हाल ही में हुई एक बच्चे की मौत पर भी जहां प्रशासन नीजि अस्पतालों की लापरवाही को मौत का कारण बता रहे है तो वहीं क्षेत्रवासियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था दुरूस्त होती तो बच्चे की मौत नहीं होती. 

हालांकि, बच्चे के पिता ने भी अपना बड़ा दिल रखा और इसके लिए दबी जुबान में कहीं न कहीं नगर निगम और प्रशासन को दोष तो दिया, परन्तु फिर यह कह दिया कि सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों से कोई शिकायत भी नही हैं. उनका कहना है कि चिकित्सकों ने पूरे प्रयास किए. शायद मेरे नसीब में ही मेरा बेटा नहीं लिखा था, लेकिन बिमारी की मूल जड़ यानी सफाई व्यवस्था के प्रति उनकी नाराजगी स्पष्ट दिखाई दी ताकि किसी और के परिवार का चिराग इस तरह अकाल मौत का शिकार न हो. लोगों ने अपनी नाराजगी और गुस्सा अब वे वोट न देकर जताने की चेतावनी दी है.

डेंगू से पीड़ित बच्चे की मौत के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. अब उन्हें यह चिंता सता रही है कि क्षेत्र में और भी कई बड़े और बच्चे बुखार से पीड़ित हैं. ऐसे में कोई और अनहोनी न हो जाए. उनका कहना है कि सरकारे तो आती जाती है लेकिन इस तलाब का किसी ने कुछ भला नही किया. क्षेत्रवासी सवाल उठाते है कि क्या चुनाव के समय वोट लेने ही आते है आगे जनप्रतिनिधियों की कोई नैतिक जिमेदारी नही है. ऐसे में मतदान करने से क्या फायदा सभी पार्टियों को ही देख चुके अब वे मतदान नही करेंगे.