कोटा: एसीबी की बड़ी कार्रवाई, नारकोटिक्स इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते किया रंगे हाथ गिरफ्तार

बारां जिले के अटरू तहसील के उम्मेदगंज गांव निवासी जयपाल मीणा के नाम अफीम काश्त का पट्टा था जो 2004 में निरस्त हो गया था. 

कोटा: एसीबी की बड़ी कार्रवाई, नारकोटिक्स इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते किया रंगे हाथ गिरफ्तार

कोटा/ हिमांशु मित्तल: राजस्थान की कोटा एसीबी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के 2 कार्मिकों को रंगे हाथों 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. इन रिश्वतखोर कार्मिकों में नारकोटिस निरीक्षक विपिन गुप्ता और संविदा पर लगे कंप्यूटर ऑपरेटर पंकज पांचाल है. दोनों आरोपियों ने परिवादी किसान से पट्टा रिन्यूअल के कागज जारी करने के लिए रिश्वत ली थी. एसीबी को इन आरोपियों के पास से एक लाख नगद मिले हैं जिसका कोई हिसाब दोनों आरोपी नहीं बता पा रहे हैं.

जानकारी के अनुसार बारां जिले के अटरू तहसील के उम्मेदगंज गांव निवासी जयपाल मीणा के नाम अफीम काश्त का पट्टा था जो 2004 में निरस्त हो गया था. केंद्र सरकार ने उनका पट्टा इस साल स्वतः ही नवीनीकरण कर दिया, लेकिन केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के निरीक्षक उनसे रिश्वत मांग रहे थे. इसकी शिकायत उन्होंने कोटा एसीबी चौकी को दी थी. एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया. जिसमें सामने आया कि केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के निरीक्षक विपिन गुप्ता 15 हजार रुपए लेने की बात सामने आई. 

इसके बाद एसीबी ने रिश्वतखोर कार्मिक को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. आरोपी निरीक्षक ने शाम 7 बजे परिवादी किसान को रिश्वत की राशि लेकर बुलाया. परिवादी किसान नरेंद्र कुमार रिश्वत की राशि लेकर निरीक्षक विपिन गुप्ता के कक्ष में पहुंचा तो उसने वहां पर लगे संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर पंकज पांचाल को पैसा देने की बात कही पंकज पांचाल ने पैसा लेकर जेब में रख लिया. 

परिवादी का इशारा मिलते हैं, एसीबी की टीम ने निरीक्षक विपिन गुप्ता के कक्ष पर दबिश दी, जहां से विपिन गुप्ता और पंकज पांचाल को गिरफ्तार किया. साथ ही पंकज पांचाल की जेब से रिश्वत की 15000 राशि बरामद की. एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार का कहना है कि कई किसानों से पट्टा रिन्यूअल के कागज जारी करने के नाम पर यह लोग पैसा ले रहे थे. संविदा पर लगे कंप्यूटर पर पंकज पांचाल की जेब से 1 लाख रुपए भी मिले हैं. जिसका हिसाब-किताब यह लोग नहीं बता पा रहे हैं.

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