कोटा: बिना पुल जान जोखिम में डाल पार करते हैं लोग अंधेरी नदी, प्रशासन बेखबर...

प्रदेश में मुसलाधार बारिश के कारण कई नदियों में पानी खतरे के निशान से उपर आ गया है.

कोटा: बिना पुल जान जोखिम में डाल पार करते हैं लोग अंधेरी नदी, प्रशासन बेखबर...
लोग अपने जान को जोखिम में डालकर अपने गंतव्य पर जाने को मजबूर हैं.

बारां: जिलें में कई नदियों का अभी भी जलस्तर बढ़ा हुआ है. लोग जान जोखिम में डालकर नदियों का रास्ता पार करने पर मजबूर हैं. नदी में पानी अधिक होने के कारण चार-चार लोग बाइकों को कंधों पर रखकर रास्ता पार कर रहे हैं.

ऐसा ही हाल छीपाबडौद क्षेत्र के सहजपुर के पास अंधेरी नदी का है. राजस्थान से मध्यप्रदेश को जोड़ने वाली इस नदी पर पुलिया या कोई सुरक्षित रास्ता नहीं होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना पड रहा है. आने जाने के लिए पुलिया नहीं होने के कारण नदी पार जाने को मजबूर लोग पैदल ही नदी पार कर रहें है.

यहां तक की जो ग्रामीण अपनी मोटरसाईकिल से दूर यात्रा करने के लिए निकल रहे हैं उन्हे अपनी मोटर साईकिल को दूसरे लोगों के सहारे कंधो पर उठाकर नदी का रास्ता पर करना पड़ रहा है. यहां तक की इलाके के लोगों ने नदी के रास्ते पर पुल ना होने की बात प्रसाशन से भी की है लेकिन अब तक इस मसले पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. 

बता दें कि कि प्रदेश में मुसलाधार बारिश के कारण कई नदियों में पानी खतरे के निशान से उपर आ गया है. यहां कर की प्रदेश में कई नदियों पर बने पुल तो बारिश के कारण पूरी तरह से टूट गए. लेकिन अभी कर प्रसाशन ने इन पुलों को ठीक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है. 

ग्रामीण अब भी बड़ी मुश्किलों के साथ नदी का रास्ता पार कर रहे हैं. कई इलाकों में तो बच्चे नदी का रास्ता टूटने के कारण अपने स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं. वहीं अगर गांव में कोई बीमार पड़ जाए या किसी को डॉक्टर के पास जाना पड़े तो लोग उन्हें खाटों पर उठा कर डॉक्टर के पास ले जाने को मजबूर हैं. लेकिन लोगों के इन तमाम मुश्किलों के बाद भी प्रसाशन अब तक बेफिक्र है. जबकि लोग अपने जान को जोखिम में डालकर अपने गंतव्य पर जाने को मजबूर हैं. 

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close