पीएम मोदी के कार्यक्रम में मार्च करेंगे मंत्रालयिक कर्मचारी, 20 सितंबर से शुरू किया था महापड़ाव

कर्मचारियों ने अजमेर कूच का निर्णय लिया है. आज यानी शनिवार को मंत्रालयिक कर्मचारी एक कलर की टी—शर्ट में नरेंद्र मोदी की सभा में कूच करेंगे.

पीएम मोदी के कार्यक्रम में मार्च करेंगे मंत्रालयिक कर्मचारी, 20 सितंबर से शुरू किया था महापड़ाव
फाइल फोटो

अजमेर: राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ का 20 सितम्बर से महापड़ाव मानसरोवर में शुरू हुआ था. सरकार की ओर से 4 अक्टूबर को मंत्रालयिक कर्मचारी प्रतिनिधियों से वार्ता की गई लेकिन 2 घंटे चली वार्ता में सरकार और मंत्रालयिक कर्मचारियों के बीच सहमति नहीं बन पाई. जिसके चलते कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है. 

जिसके बाद अब कर्मचारियों ने अजमेर कूच का निर्णय लिया है. आज यानी शनिवार को मंत्रालयिक कर्मचारी एक कलर की टी—शर्ट में नरेंद्र मोदी की सभा में कूच करेंगे. प्रधानमंत्री को मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे. बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान गौरव यात्रा के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर रहे हैं. हालांकि, पुलिस द्वारा पहले से ही सभी तैयारियां कर ली है और पुलिस इस मामले को लेकर काफी सचेत है. 

गौरतलब है कि अजमेर में राजस्थान गौरव यात्रा समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे. मंत्रालयिक कर्मचारी सफेद रंग की एक जैसी टी-शर्ट पहन कर रैली में पहुंचेंगे जिन पर 3600 पे ग्रेड लिखा होगा और इस तरह वो अपनी परेशानियों से सरकार को अवगत कराएंगे. 

वहीं अगर इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उन्हें रोका गया तो कर्मचारी मिलकर नारेबाजी करेंगे. बता दें, मंत्रालयिक कर्मचारी 16 दिनों से दिन रात डटे हुए हैं लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है. 

ये हैं मांगे
- कनिष्ठ सहायक की ग्रेड पे—3600 करने की मांग
- सचिवालय के मंत्रालयिक कर्मचारियों के समान मिले वेतनमान
- 5वीं अनुसूची में कटौती के प्रस्ताव को लिया जाए वापस
- मंत्रालयिक कर्मचारियों का निदेशालय का गठन हो
- पदोन्नति के पदों में वृद्धि की जाए
- अनुकम्पा नियुक्त कार्मिक को टंकण परीक्षा से मुक्त किया जाए
- पंचायतीराज में पदोन्नति पदों का आवंटन शिक्षा विभाग में पदो की कटौती नहीं की जाए
- राजस्व विभाग में वर्ष—2014 से सृजित पदों पर पदोन्नति किया जाना
- जलप्रदाय एवं सीवरेज बोर्ड के फैसले पर रोक
- भर्ती के समय शैक्षणिक योग्यता स्नातक करने की मांग

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