राजस्थान: अशोक गहलोत ने साधा पायलट पर निशाना - CM बनने का सपना देखने लगे हैं सचिन

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इशारों-इशारों में वर्तमान प्रदेश कांग्रेस सचिन पायलट पर निशाना साधा.

ज़ी न्यूज़ डेस्क ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Jan 12, 2018, 10:52 PM IST
राजस्थान: अशोक गहलोत ने साधा पायलट पर निशाना - CM बनने का सपना देखने लगे हैं सचिन
गहलोत ने कहा कि मैंने कभी पार्टी हाईकमान से उनकी कृपा दृष्टि या पद की मांग नहीं की....(फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान में चुनाव से पहले ही कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी देखने को मिलने लगी है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को इशारों-इशारों में वर्तमान प्रदेश कांग्रेस सचिन पायलट पर निशाना साधा. कहा कि पार्टी के कुछ लोगों में प्रदेश इकाई के अध्यक्ष को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाने की जो सोच है, वह अच्छी नहीं है और इससे पार्टी की छवि खराब होती है. उनका यह बयान पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद आया है. सीकर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता गहलोत ने कहा, "प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष भी अगले मुख्यमंत्री के सपने देखने लगे हैं और खुद को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश करने लगे हैं. कांग्रेस में प्रचलित यह परंपरा ठीक नहीं है. यह पार्टी के लिए भी ठीक नहीं है." 

उन्होंने कहा कि जब वह पीसीसी अध्यक्ष थे तो उनको भी पार्टी के कुछ सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश किया जाता था. गहलोत ने कहा, "हालांकि मैंने कभी पार्टी हाईकमान से उनकी कृपा दृष्टि या पद की मांग नहीं की. लेकिन मुझे अपनी निष्ठा का इनाम मिला और विधानसभा चुनाव में जीत हासिल होने पर मुझे मुख्यमंत्री बनाया गया." उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस हाईकमान के प्रति निष्ठावान बने रहेंगे और उनके आदेशों का पालन करेंगे. 

भाजपा नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति करती है 
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत ने आज आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति करती है. गहलोत ने भाजपा पर नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में आपस में लड़ाकर नफरत का माहौल बनाया जा रहा है. उन्होंने ‘पद्मावती’ फ़िल्म के विवाद को भाजपा की सोची समझी चाल बताते हुए कहा कि सरकार चाहती तो इससे समय रहते निपटा जा सकता था। सरकार ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस विवाद को अनावश्यक रूप से लम्बा खींचकर जातियों को आपस में लड़ाने का काम किया है. सरकार चाहती तो दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद को दूर करवा सकती थी. गहलोत ने राज्य सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए दावा किया कि उपचुनाव में तीनों सीटें कांग्रेस बड़े अंतर से जीतेगी.